
मुजफ्फरनगर. हरियाणा के हिसार में सेना की छावनी से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में पकड़े गए तीनों युवकों को पुलिस से सात घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया। सेना इंटेलीजेंस और सेना पुलिस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के जनपद शामली के गांव मसावी निवासी 22 वर्षीय खालिद और जनपद मुजफ्फरनगर के गांव शेरपुर निवासी 28 वर्षीय महताव और 34 वर्षीय रागिब को हिरासत में लिया था, लेकिन जांच में उनके जासूसी करने की बात सामने नहीं पाए जाने के कारण उन्हें छोड़ दिया गया। मुजफ्फरनगर के गांव शेरपुर निवासी दोनों युवक अपने घर पहुंच गए हैं, जहां उनसे मिलने के लिए ग्रामीणों का तांता लग गया।
रविवार को अपने घर अपने परिजनों के पास पहुंचे युवक रागिब ने बताया कि वे सेना की छावनी में काम कर रहे थे। जहां उनके द्वारा मोबाइल में सेल्फी ली गई। इसी सेल्फी की वजह से उन्हें मौजूद सैनिकों ने हिरासत में ले लिया, जिसमें कड़ी पूछताछ की गई। लगभग 2 दिन तक पुलिस की हिरासत में रहने के दौरान सेना और पुलिस द्वारा बारीकी से छानबीन के बाद सभी युवक निर्दोष पाए गए और उन्हें छोड़ दिया गया। हिरासत में लिए गए युवकों ने अपने परिवार के पास लौट आने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने मीडिया और पुलिस दोनों को धन्यवाद दिया।
वहीं, दूसरे युवक मेहताब ने बताया कि वह हिसार में वेल्डिंग का काम करने गए थे। जहां उन्होंने छावनी में एक सेल्फी लेने का प्रयास किया था, इसी दौरान सैनिकों ने उन्हें देख लिया और उन्हें हिरासत में ले लिया। लगभग 2 दिन तक पुलिस और सेना की हिरासत में रहने के दौरान बारीकी से छानबीन की गई। उन्होंने बताया कि हम पूरी तरह से निर्दोष हैं। हमारे खिलाफ कोई ऐसा सबूत नहीं मिला, जो देश की गतिविधियों के खिलाफ हो। इसलिए हमें छोड़ दिया गया। हम अपने घर अपने परिवार के पास आ गए हैं। इससे हम बहुत खुश हैं।
गौरतलब है कि हरियाणा के हिसार छावनी में 25 जुलाई से पहले तीनों मजदूर एमआइएस की बिल्डिंग के निर्माण के लिए गए थे। जहां काम करते वक्त अपने मोबाइल फोन में सेल्फी लेने के कारण उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं, पूरे देश में खबर चली थी कि मुजफ्फरनगर के निवासी तीन युवकों को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के शक में सेना ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना मीडिया में आने के बाद मुजफ्फरनगर सहित गांव शेरपुर में भी सनसनी फैल गई थी, जिसमें दोनों युवकों के परिजनों ने भी मीडिया के सामने अपने बच्चों के बेगुनाह होने की बात कहते हुए उन्हें रिहा कराने की मांग की थी। सेना द्वारा बारीकी से छानबीन के बाद युवक निर्दोष पाए गए, जो रविवार को अपने घर पहुंच गए।
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Published on:
04 Aug 2019 08:36 pm
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