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Video : चिकित्सकों ने दी आर-पार की लड़ाई की चेतावनी

कभी भी जा सकते हैं सामूहिक अवकाश पर, मुख्यालय पर चिकित्सकों का बहिष्कार, गांवों में बाहर बैठकर दी सेवाएं
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नागौर

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Shyam Lal Choudhary

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Updated: 1 Dec 2017, 11:32 AM IST

Doctors strike

Doctors work boycott at headquarters

नागौर. राज्य सेवारत चिकित्सक संघ एवं राज्य सरकार के बीच तनातनी लगातार बढ़ रही है। समझौते के बिन्दुओं पर अमल नहीं होने से नाराज चिकित्सक अब आर-पार की लड़ाई लडऩे के मूड में हैं। गुरुवार को जयपुर में हुई स्टेट कमेटी की बैठक के बाद चिकित्सक संघ ने कभी भी वे सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है।
इधर, नागौर जिला मुख्यालय पर चिकित्सकों ने लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को सुबह 9 से 11 बजे तक कार्य का बहिष्कार किया, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सकों ने चिकित्सा केन्द्रों के बाहर बैठकर सेवाएं दी।


सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के नागौर जिलाध्यक्ष डॉ. देवराज राव ने बताया कि गुरुवार शाम को जयपुर में हुई बैठक के बाद चिकित्सकों ने आर-पार की लड़ाई लडऩे का ऐलान कर दिया है। राज्य सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है, तब तक चिकित्सक चिकित्सा संस्थानों के बाहर तम्बू लगाकर सेवाएं देंगे। इसके बावजूद यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रवैया नहीं अपनाया तो वे दुबारा सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।

बैठक में ये हुए निर्णय
- समझौते का अपमान हुआ है, अब आर-पार की जंग का ऐलान है।
- एक दिसम्बर से अस्पताल परिसर में तंबू/टेंट लगाकर मरीज देखेंगे और मरीजों की सेवाएं निरंतर जारी रहेगी।
- सभी मीटिंगों, कैम्प, रिपोर्ट, वीडियो कॉन्फ्रेंस का बहिस्कार होगा, केवल चिकित्सकीय कार्य करेंगे।
- सरकार को दी 72 घंटे की चेतवानी, 72 घंटे बाद कोर कमिटी कठोर निर्णय करेगी।
- कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया गया।
- तत्काल प्रताडि़त 12 चिकित्सकों के ट्रांसफर आदेश वापस हो।
- सामूहिक अवकाश को अवकाश में शामिल करने के आदेश जारी हो।
- अतिरिक्त निदेशक के पद पर चिकित्सक तत्काल लगाया जाए।
- आंदोलन के दौरान चिकित्सकों के विरुद्ध की गई सभी कार्यवाही एवं दर्ज मुकदमे वापस हो।
- समझौते की मूलभावना के अनुसार क्रियान्विति की जाए।
- सरकार द्वारा सेवारत चिकित्सको के साथ चाय पर हुए समझौते का सम्मान करना होना चाहिए।
- 72 घंटे बाद यदि चिकित्सक कठोर निर्णय करते हैं और राज्य की जनता को कठिनाई होती है तो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी जिमेदार होंगे।