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BJP के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव का कांग्रेस पर निशाना, बोले- सियासी हित के हिसाब से बदलती है राजनीति

Siddharth Yadav Latest News: BJP के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने SIR को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची और डुप्लीकेट नामों से जुड़े पुराने बयानों का हवाला देते हुए कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए।
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भारत

•

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Harshul Mehra

•

Sep 29, 2026

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BJP के राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव। फोटो-IANS

Siddharth Yadav Latest News: भाजपाके राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक सिद्धार्थ यादव ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधीऔर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाना देश और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। सिद्धार्थ यादव ने कांग्रेस से इसके लिए माफी मांगने की बात भी कही।

नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से ऐसा नैरेटिव बनाया जा रहा है, जिससे लोगों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भरोसा कम हो सकता है।

राहुल गांधी के बयान का किया जिक्र

सिद्धार्थ यादव ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले और चुनाव के बाद राहुल गांधी के बयानों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक रुख बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया था कि अगर उन्होंने रास्ता नहीं खोला होता तो भाजपा बंगाल में नहीं आती। सिद्धार्थ यादव के मुताबिक, चुनाव खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने अपना रुख बदलते हुए SIR और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने इसे कांग्रेस की 'सुविधा की राजनीति' और राजनीतिक यू-टर्न का उदाहरण बताया।

SIR को लेकर कांग्रेस पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अलग-अलग राज्यों में मतदाता सूची को शुद्ध करने और डुप्लीकेट नाम हटाने की मांग की थी। उन्होंने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना का उदाहरण देते हुए अपने दावे सामने रखे। सिद्धार्थ यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश में 2018 में एक कांग्रेस नेता ने करीब 50 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं का जिक्र करते हुए ऐसे नाम हटाने की मांग की थी। उनके अनुसार, 2026 में SIR के दौरान 44.28 लाख नाम हटाए गए।

उन्होंने तेलंगाना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, वहां कांग्रेस नेता ने मतदाता सूची में करीब 70 लाख गलत नाम होने की बात कही थी और उन्हें हटाने की मांग की थी। सिद्धार्थ यादव ने दावा किया कि बाद में SIR के दौरान 73.39 लाख नाम हटाए गए।

राजस्थान और केरल का भी दिया उदाहरण

सिद्धार्थ यादव ने राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि 15 अगस्त 2018 को कांग्रेस की ओर से राज्य में 42 लाख डुप्लीकेट नाम होने का आरोप लगाया गया था। उनके मुताबिक, SIR की प्रक्रिया के दौरान लगभग इतने ही यानी 41.85 लाख नाम हटाए गए।

उन्होंने केरल का भी जिक्र किया। सिद्धार्थ यादव ने कहा कि कांग्रेस ने राज्य में डुप्लीकेट नामों को लेकर आरोप लगाए और इस मुद्दे को लेकर वेबसाइट भी बनाई तथा हाईकोर्ट का रुख किया। उनके मुताबिक, कांग्रेस ने करीब 4.34 लाख डुप्लीकेट नाम होने की बात कही थी, जबकि SIR में लगभग 8.57 लाख नाम डुप्लीकेट पाए गए और उन्हें हटाया गया। उन्होंने कहा कि केरल में SIR के बाद कांग्रेस की जीत हुई तो पार्टी ने इसे उपयोगी प्रक्रिया बताया और मतदाता सूची में गलत नामों के लिए तत्कालीन राजनीतिक विरोधियों को जिम्मेदार ठहराया।

विपक्ष के पुराने रुख का भी किया जिक्र

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस 2018 में डुप्लीकेट नाम हटाने की मांग को लोकतंत्र से जुड़ा विषय बताती थी, जबकि अब मतदाता सूची में नाम हटाए जाने पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि यही कांग्रेस के रुख में बदलाव को दिखाता है।

दिल्ली, बिहार और महाराष्ट्र का उदाहरण

सिद्धार्थ यादव ने पुराने मतदाता सूची संशोधन का जिक्र करते हुए दिल्ली, बिहार और महाराष्ट्र के आंकड़े भी बताए। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त 2013 को दिल्ली में 13.58 लाख वोट हटाए गए थे। उस समय उनकी पार्टी विपक्ष में थी, लेकिन उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने इसे वोट चोरी या गलत प्रक्रिया नहीं बताया।

उन्होंने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि 9 अगस्त 2013 को 76 लाख मतदाता संदिग्ध पाए गए थे। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि 27 अप्रैल 2014 को महाराष्ट्र में बिना SIR के 70.76 लाख मतदाता हटाए गए और 74 लाख नए मतदाता जोड़े गए। सिद्धार्थ यादव ने कहा कि उस समय इन प्रक्रियाओं को लेकर विपक्ष की ओर से चुनाव में गड़बड़ी या वोट चोरी जैसे आरोप नहीं लगाए गए थे।

'कांग्रेस सरकारों के दौरान 10 बार हुआ SIR'

सिद्धार्थ यादव ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल के दौरान 10 बार SIR किया गया और उस समय प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए गए। उन्होंने विपक्ष से अपनी भूमिका को लेकर जिम्मेदारी समझने की अपील की।

उनका कहना था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया, चुनाव और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से संस्थाओं में लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी राजनीतिक असफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगा रहा है।

संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसे का मुद्दा

सिद्धार्थ यादव ने कहा कि चुनाव आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं को लेकर राजनीतिक दलों के बयानों का असर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर पड़ता है। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना उचित नहीं है।