
सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार (Photo-ANI)
INDIA Bloc MPs Protest March Election Commission: चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ विपक्ष के सांसद आज विरोध मार्च निकालेंगे। इसको लेकर सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि मार्च सुबह करीब 10:30 बजे संसद के मकर द्वार से शुरू होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय तक जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक के लगभग सभी सांसद मार्च में शामिल होंगे। इसके अलावा कई प्रमुख विपक्षी नेताओं के भी इसमें शामिल होने की संभावना है।
सांसद संदोष कुमार ने कहा कि इस मार्च के जरिए चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे विपक्ष के आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों के बाद विपक्ष और अधिक मजबूती के साथ सामने आया है।
CPI सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें पद से जाना होगा। उन्होंने कहा कि सीईसी ज्ञानेश कुमार को जाना होगा, इसमें कोई संदेह नहीं है।”
सुप्रीम कोर्ट की ओर से फॉर्म- 6 में बिना मंजूरी किए गए बदलावों को लेकर की गई टिप्पणी पर भी संदोष कुमार ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में यह कहा गया था कि Form 6 में बदलाव सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद ही प्रभावी किए गए थे।
CPI सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने कथित तौर पर देश को गुमराह किया। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक और आरोप है।
संदोष कुमार ने कहा कि विपक्ष पहले से ही ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहा है और अब Form 6 में बदलाव का मामला भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ विपक्ष का विरोध और तेज होगा।
वहीं JMM सांसद विजय कुमार हंसदक ने कहा कि चुनाव आयोग की भूमिका लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है। एक स्वतंत्र देश में व्यवस्था के दुरुपयोग को इस हद तक ले जाना और लोगों के मतदान के अधिकार से वंचित करना स्वीकार्य नहीं है। सुरक्षा बलों की तैनाती सहित सभी संस्थाओं का दुरुपयोग किया गया है। कई राज्यों के उदाहरण मौजूद हैं, जहाँ चुनाव प्रक्रिया को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और उसे पूरी तरह भाजपा के पक्ष में प्रभावित किया गया। यह किसी भी स्वतंत्र देश के हित में नहीं है।
Updated on:
06 Oct 2026 09:27 am
Published on:
06 Oct 2026 09:00 am
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