
आतंकी यासीन मलिक को कोर्ट लाने के मामले में तिहाड़ जेल के 4 अधिकारी सस्पेंड
Yasin Malik Case: जम्मू कश्मीर के आतंकी यासिन मलिक को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश किया गया था। उसे कोर्ट परिसर में देखकर सुप्रीम कोर्ट के जज दंग रह गए थे। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में मलिक की मौजूदगी पर आपत्ति जताई और कहा कि अदालत द्वारा ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया गया था कि यासीन मलिक को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किया जाना चाहिए, यह सुरक्षा के लिए एक बड़ा मुद्दा है। उन्होंने यासीन मलिक को अनुमति देने के लिए अदालत में मौजूद जेल अधिकारियों के प्रति असहमति व्यक्त की और पीठ को बताया कि मलिक को जेल से बाहर नहीं लाया जा सकता क्योंकि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 268 उस पर लागू होती है। अब इस मामले में तिहाड़ जेल प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है।
इन चार अधिकारियों को किया गया सस्पेंड
सस्पेंड किए गए अधिकारियों में 1 डिप्टी सुपिरटेंडेंट, 2 असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट और 1 अन्य अधिकारी शामिल हैं। इससे पहले यासीन मलिक के शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश होने से सनसनी मच गई थी। इस मामले को लेकर तिहाड़ जेल प्रशासन की काफी आलोचना होने लगी थी। दिल्ली कारागार विभाग ने शुक्रवार को इसे 'पहली नजर में कुछ अधिकारियों की लापरवाही' का मामला बताया था।
एयरफोर्स के चार अफसरों की हत्या और सीएम की बेटी के अपहरण का आरोपी
यासीन मलिक पर जम्मू की विशेष अदालत ने चार भारतीय वायुसेना कर्मियों की हत्या और 1989 में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण के दो मामलों में गवाहों से पूछताछ के लिए मलिक की उपस्थिति की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में इस मामले में नोटिस जारी किया था और मलिक की व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश देने वाले आदेशों पर रोक लगा दी थी।
यह भी पढ़ें - तिहाड़ जेल में बंद यासीन मलिक ने शुरू की भूख हड़ताल, अब आतंकी ने उठाई ये मांग
Published on:
22 Jul 2023 03:06 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
