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मतदाता सूचियों का होगा विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR), 17 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों का शेड्यूल जारी

voter list revision:: ECI ने SSR का पूरा कार्यक्रम जारी किया। 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे-आपत्तियां दर्ज होंगी और 4 जनवरी 2027 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
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Special Summary Revision

17 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की घोषणा (फोटो-IANS)

Special Summary Revision: भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव आयोग ने छूटे हुए युवा, पहली बार पात्र मतदाताओं के नामांकन के लिए एक विशेष अभियान चलाने का शेड्यूल जारी किया है। आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की घोषणा कर दी है। इसके लिए अर्हता तिथि 1 जनवरी 2027 तय की गई है, जबकि मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। यह पुनरीक्षण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत किया जाएगा।

अर्हता तिथियों के लिए मांगे अग्रिम आवेदन

आयोग के अनुसार, 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के संदर्भ में पात्र मतदाताओं के नामांकन को आसान बनाने के साथ-साथ 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 की तीन बाद की अर्हता तिथियों के लिए अग्रिम आवेदन भी आमंत्रित किए जाएंगे। छूटे हुए, युवा और पहली बार मतदान करने वाले पात्र मतदाताओं के नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी पहले जारी किए जा चुके हैं। यह संशोधन उन राज्यों में भी होगा, जहां अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

निर्वाचन आयोग ने जारी किया शेड्यूल

कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों का युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्थापन 2 नवंबर 2026 से 12 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद एकीकृत मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। मसौदा सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक रहेगी। दावों और आपत्तियों का निपटान 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा।

आधार नंबर नहीं, तो भी आवेदन नहीं होगा खारिज

आधार नंबर के इस्तेमाल पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करते हुए, ECI ने कहा, "आवेदक स्वेच्छा से फॉर्म-6 और फॉर्म-8 में अपना आधार नंबर दे सकते हैं। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति अपना आधार नंबर नहीं दे पाता है, तो मतदाता सूची में नाम शामिल करने के उसके आवेदन को खारिज नहीं किया जाएगा, और न ही मतदाता सूची से उसकी प्रविष्टि (entry) हटाई जाएगी।"

इन राज्यों में बाद में आएगा कार्यक्रम

निर्वाचन आयोग के अनुसार, देश के जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR चल रहा है या अभी-अभी पूरा हुआ है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अभी SIR शुरू नहीं हुआ है। मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए इन तीनों जगह मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी।

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