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शरद पवार के बयान पर किरेन रिजिजू ने कहा, राहुल गांधी का राजनीतिक कैरियर चमकाने के लिए है अदाणी मुद्दा

Sharad Pawar statement Kiren Rijiju said संसद का बजट सत्र खत्म हो गया है। कांग्रेस ने अदाणी मामले में जेपीसी जांच को लेकर विपक्षी दलों संग भाजपा सरकार को घेरा और जमकर हंगामा मचाया। अदाणी मुद्दे पर राहुल गांधी जबरदस्त तरीके से केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर हैं। इन सब के बीच से एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने जेपीसी को लेकर बयान दिया। और उसके जवाब में किरेन रिजिजू, संजय राउत और महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
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नई दिल्ली

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 8 Apr 2023, 3:25 PM IST

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शरद पवार के बयान पर किरेन रिजिजू ने कहा. राहुल गांधी का राजनीतिक कैरियर चमकाने के लिए है अदाणी मुद्दा

Kiren Rijiju said राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को दावा किया कि, वह अदाणी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट की संयुक्त संसदीय समिति की जांच के बजाए सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में जांच के पक्ष में हैं। शरद पवार के बयान से मोदी सरकार को एक संजीवनी मिल गई है। शरद पवार के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियरों में हलचल शुरू हो गई। भाजपा सरकार की ओर से शरद पवार के बयान पर प्रतिक्रिया केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने दी। उन्होंने साफतौर पर कहा है कि सारा मामला सिर्फ राहुल गांधी के राजनीतिक करियर को चमकाने का है। सुप्रीम कोर्ट कमेटी बनाकर (अडानी) मुद्दे को देख रहा है। ये सारा मुद्दा राहुल गांधी के राजनीतिक कैरियर को चमकाने के लिए बनाया जा रहा है। देश संविधान से चलता है। विपक्ष की एकजुटता का बचाव करते हुए उद्धव गुट के नेता व राज्यसभा सांसद संजय राउत ने शरद पवार के बयान पर कहाकि, अडानी मामले पर चाहे तृणमूल कांग्रेस हो या एनसीपी की अपनी-अपनी अलग राय हो लेकिन इससे विपक्ष की एकजुटता में कोई दरार नहीं आएगी। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहाकि, ये उनका व्यक्तिगत मत हो सकता है। कोयला घोटाले के मामले में भी कोर्ट की कमेटी बैठाई गई थी लेकिन विपक्ष के कहने पर जेपीसी की गई थी। अडानी मुद्दे पर जेपीसी होनी ही चाहिए।

अंबानी-अदाणी का देश में क्या योगदान है, सोचने की आवश्यकता - शरद पवार

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि, ये बात सच है कि, जेपीसी की मांग हमारे सभी साथियों ने की। मगर हमें लगता है कि जेपीसी में 21 में से 15 सदस्य सत्ताधारी पार्टी के होंगे। तो देश के सामने सच्चाई कहां तक आएगी। एक जमाना ऐसा था जब सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करनी होती थी तो हम टाटा-बिड़ला का नाम लेते थे। टाटा का देश में योगदान है। आजकल अंबानी-अदाणी का नाम लेते हैं, उनका देश में क्या योगदान है, इस बारे में सोचने की आवश्यकता है।

विपक्ष की एकता पर असर नहीं पड़ेगा - शरद पवार

फिर अपने अदाणी मुद्दे पर अपने बयान का बचाव करते हुए शरद पवार ने कहाकि, पता नहीं कौन कहता है कि मेरे इस बयान से 2024 में विपक्ष की एकता पर असर पड़ेगा। मुझे जो सही लगा उसे मैंने कहा।

देश संविधान से चलता है - किरेन रिजिजू

शरद पवार के बयान पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहाकि, सुप्रीम कोर्ट कमेटी बनाकर ;अडानीद्ध मुद्दे को देख रहा है। ये सारा मुद्दा राहुल गांधी के राजनीतिक कैरियर को चमकाने के लिए बनाया जा रहा है। देश संविधान से चलता है।

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उनका व्यक्तिगत मत हो सकता है - नाना पटोले

एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बयान पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहाकि, ये उनका व्यक्तिगत मत हो सकता है। कोयला घोटाले के मामले में भी कोर्ट की कमेटी बैठाई गई थी लेकिन विपक्ष के कहने पर जेपीसी की गई थी। अडानी मुद्दे पर जेपीसी होनी ही चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहाकि, ये शरद पवार का निजी बयान है, लेकिन जांच के लिए जेपीसी सबसे अच्छा तरीका है।

विपक्ष की एकजुटता में कोई दरार नहीं - संजय राउत

राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहाकि, अदाणी मामले पर चाहे तृणमूल कांग्रेस हो या एनसीपी की अपनी-अपनी अलग राय हो लेकिन इससे विपक्ष की एकजुटता में कोई दरार नहीं आएगी।

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