दरअसल, बूस्टर डोज उन्हें लगाई जाएगी, जिन्होंने दूसरी डोज लगवा रखी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज और बूस्टर डोज, जिसे प्रिकॉशन डोज भी कहा जा रहा है, के बीच 9 से 12 महीने का गैप जरूर होना चाहिए। हालांकि, कोविशील्ड और कोवैक्सीन के लिए तीसरी डोज और बूस्टर डोज के बीच अंतर तय करने पर अभी बातचीत जारी है। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों की मानें तो इस पर जल्द ही अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।