
मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो - एएनआई)
Mallikarjun Kharge: दिल्ली में कई बड़े नेताओं और अधिकारियों को मतदाता सूची में दर्ज जानकारी से जुड़ी विसंगतियों को लेकर नोटिस मिलने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने SIR को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। खरगे ने कहा कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को पहले दिन से ही ‘Flawed’ यानी खामियों से भरी हुई प्रक्रिया बताती रही है। उन्होंने ‘VIP/Marked Electors’ का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या अब देश में मतदाताओं की कोई अलग VIP कैटेगरी बन गई है?
मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने बयान में SIR की प्रक्रिया पर निशाना साधते हुए इसे ‘Flawed Process’ बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाती रही है। खरगे ने आरोप लगाया कि SIR का इस्तेमाल भाजपा द्वारा वोट चोरी और लोकतंत्र को खत्म करने के औजार के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने इसे ‘Frankenstein Monster’ बताते हुए कहा कि अब यही प्रक्रिया भाजपा से जुड़े लोगों को भी अपनी चपेट में ले रही है।
खरगे ने कहा कि SIR के तहत भाजपा के कई बड़े नेताओं और दूसरे वरिष्ठ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मौजूदा विदेश मंत्री, दिल्ली के उपराज्यपाल, राज्यसभा सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री जैसे नाम शामिल होने की बात उन्होंने कही। खरगे ने यह भी कहा कि इससे पहले भारत रत्न से सम्मानित वैज्ञानिक और पूर्व नौसेना प्रमुख को भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों का भी मुद्दा उठाया। खरगे के मुताबिक, जिन लोगों के नाम हटाए गए और जिन्होंने इसके खिलाफ अपील की, उनमें अब तक जिन मामलों पर फैसला हुआ है, उनमें 93 फीसदी लोग अपनी अपील जीत चुके हैं। खरगे ने दावा किया कि इसके चलते 1,13,943 लोगों को दोबारा मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
खरगे ने चुनाव आयोग की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इस्तेमाल किए गए ‘VIP/Marked Electors’ शब्द का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत के Universal Adult Franchise में अब मतदाताओं की कोई विशेष श्रेणी होगी? खरगे ने पूछा कि क्या अब मतदाता दो वर्गों में बंटेंगे, एक तरफ VIP मतदाता और दूसरी तरफ आम मतदाता।
कांग्रेस अध्यक्ष ने संविधान के One Person, One Vote, One Value के सिद्धांत का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या VIP/Marked Electors की यह व्यवस्था इस सिद्धांत की अनदेखी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि ‘क्या VIP वोट अब ज्यादा क़ीमती हो गया है?’
खरगे ने SIR के पहले तीन चरणों से जुड़े आंकड़ों का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13.8 करोड़ मतदाता मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। खरगे के मुताबिक, यह संख्या 94.78 करोड़ मतदाताओं में से करीब 14.61 फीसदी है। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े स्तर पर मतदाताओं के सूची से बाहर होने के मामले में जिम्मेदारी किसकी है और इस पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? उन्होंने कहा कि एक तरफ VIPs के लिए प्रेस रिलीज जारी की जा रही है, जबकि करोड़ों आम मतदाताओं के लिए खामोशी है।
Updated on:
21 Sept 2026 12:50 pm
Published on:
21 Sept 2026 12:35 pm
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