
AAP leaders have been arrested
दिल्ली में आबकारी नीति में घोटाले के मामले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया है। इससे सिसोदिया से सीबीआई ने लंबी पूछताछ की थी। दिल्ली सरकार के लिए यह बड़ा झटका है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने सरकार को चलाने की बड़ी चुनौती है। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली सरकार के लिए भी मुश्किलें और बढ़ती दिखाई दे रही हैं। यह पहली बार नहीं है जबकि आप पार्टी के मंत्री को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले भी सत्येंद्र जैन सहित कई विधायक अरेस्ट हो चुके है। 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद राजनीति में आए अरविंद केजरीवाल की पार्टी AAP के कई नेताओं को अलग-अलग मामलों में जेल हुई है। आइए जानते हैं अब तक कौन-कौन गिरफ्तार हो चुका है।
दिल्ली में आबकारी नीति में घोटाले के मामले में सीबीआई ने 26 फरवरी को मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया। इससे पहले उनसे आठ घंटे की लंबी पूछताछ की गई है। सिसोदिया आम आदमी पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता हैं और पार्टी के रणनीतिकारों में से एक हैं। दिल्ली सरकार का बजट कौन पेश करेगा, इस पर भी अब सरकार को जल्द से जल्द फैसला लेना पड़ेगा। सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने अपने सभी जिलों में खास नजर रखने को कहा है।
7 सदस्यों वाली दिल्ली कैबिनेट में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अलावा 6 अन्य मंत्री हैं। 6 मंत्रियों में से एक सत्येंद्र जैन पहले से ही तिहाड़ जेल में हैं। ईडी ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार कर रखा है। ईडी जैन की 4.81 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है। बताया गया है कि जैन के परिवार के लोग कुछ ऐसी फर्म से जुड़े थे जो PMLA के तहत जांच के दायरे में हैं। ईडी की जांच में पता चला है कि साल 2015-16 के दौरान जब सत्येंद्र कुमार जैन एक लोक सेवक थे।
केजरीवाल के मंत्री रहे संदीप कुमार 2016 में राशन कार्ड बनवाने के बहाने महिला से रेप केस में फंस चुके हैं। संदीप को इस मामले में जेल भेजा गया था। इसकी एक सीडी भी सामने आई थी। महिला का कहना था कि वह संदीप के पास राशन कार्ड बनवाने गई थी। यहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर उसके बाद रेप किया गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। संदीप कुमार 2015 में दिल्ली की सुल्तानपुर माजरा विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने। संदीप कुमार केजरीवाल सरकार में महिला एवं बाल कल्याण विकास मंत्री बनाया गया था। उनके पास एससी-एसटी कल्याण मंत्रालय का भी प्रभार था।
साल 2015 में दिल्ली सरकार में कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर को गिरफ्तार किया गया था। उन पर वकालत की फर्जी डिग्री रखने के आरोप लगे थे। एक आरटीआई के हवाले से पता चला कि जितेंद्र की डिग्री बोगस है। जितेंद्र पहले कांग्रेस नेता भी रहे हैं। उनको दिल्ली के पर्यटन, कला और संस्कृति की भी जिम्मेदारी दी गई थी।
दिल्ली ही नहीं पंजाब सरकार के विधायक और मंत्रियों भी भ्रष्टाचार के मामले में जेल की हवा खा चुके है। पंजाब सरकार में स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को भ्रष्टाचार के मामले में जेल भेजा गया था। उन पर स्वास्थ्य विभाग से जुड़े टेंडर में एक प्रतिशत कमीशन मांगे का आरोप लगा है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंत्री विजय सिंगला को बर्खास्त करने के बाद एंटी करप्शन ब्रांच ने गिरफ्तार कर किया।
दिल्ली सरकार में मंत्री आसिम अहमद खान का नाम भी भ्रष्टाचार के मामले में सामने आया था। 2018 में अरविंद केजरीवाल ने अपने कैबिनेट मंत्री आसिम अहमद खान को हटा दिया था। आसिम पर 6 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा था।
आप नेता सोमनाथ भारती भी लगातार विवादों में रहे हैं। 2013 में पत्नी लिपिका मित्रा ने उनके खिलाफ द्वारका नॉर्थ थाने में घरेलू हिंसा का आरोप लगाकर शिकायत दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए सोमनाथ हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे थे। इसके अलावा, भारती पर एम्स में कर्मचारियों से मारपीट का भी आरोप लगा था। पिछले साल यूपी के दौरे पर विवादित बयान को लेकर उन्हें गिरफ्तार भी किया।
विधायक अमानतुल्लाह खान को बीते साल खान को वक्फ बोर्ड के कामकाज में गड़बड़ियों के आरोप में एसीबी ने अरेस्ट किया था। अमानतुल्लाह खान पर वक्फ बोर्ड के बैंक खातों में 'वित्तीय गड़बड़ी', वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में किरायेदारी का निर्माण, वाहनों की खरीद में 'भ्रष्टाचार' और दिल्ली वक्फ बोर्ड में सेवा नियमों में उल्लंघन करते हुए 33 लोगों की 'अवैध नियुक्ति' के आरोप हैं
देवली से विधायक प्रकाश जारवाल साल 2017 में एक 53 साल की महिला से बदसलूकी के आरोप में फंस गए थे। इसके अलावा प्रकाश जारवाल 2018 में दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट के मामले में फंसे। मामले में पुलिस ने विधायक प्रकाश जारवाल को गिरफ्तार कर लिया था।
केजरीवाल के विधायक विजय नायर को सीबीआई ने पिछले साल दिल्ली की आबकारी नीति के कथित घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था। ED ने कहा था कि विजय नायर को AAP ने आबकारी नीति को सुचारू रूप से लागू करवाने के लिए ही नियुक्त किया था।
आप के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन मार्च 2020 में हुए दिल्ली दंगों का मुख्य आरोपी है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने और दंगा भड़काने की धाराओं समेत अन्य धाराओं में आरोप तय किए थे। ताहिर हुसैन पर दो समुदायों के बीच सांप्रदायिक हिंसा और अफवाह फैलाने का आरोप लगाया गया था।
Updated on:
28 Feb 2023 08:20 am
Published on:
27 Feb 2023 12:30 pm

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