
RJD नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा (फाइल फोटो-IANS)
Opposition protest at Jantar Mantar: दिल्ली के जंतर मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन जारी है। राजद से राज्यसभा सांसद मनोज झा भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर मंतर पहुंचे। यहां दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए जाने से पहले मनोज झा ने कहा कि उन्हें शर्म आनी चाहिए। क्या विरोध प्रदर्शन के लिए इजाज़त की ज़रूरत होती है? आख़िरकार, यह गांधी का देश है। आज गांधी जयंती है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला बोलते हुए कहा कि पुलिस स्टेट बनाने के बावजूद, ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह अपने गुनाह को छिपा नहीं पाएंगे।
इससे पहले INDIA ब्लॉक द्वारा 'लोकतंत्र बचाओ रैली' के आह्वान पर राजद सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि मैं समझता हूं विपक्षी दलों से पूर्व ये नागरिकों का कार्यक्रम है। हर वो नागरिक जो इस लोकतंत्र में साझेदार है, उसे लग रहा है कि एक व्यक्ति जिसकी डोर कहीं और जुड़ी हुई है, वे सबकुछ निर्धारित कर रहा है। असर तो इतना है कि आप देखें कि मेट्रो बंद कर दी गई है। आज गांधी जयंती भी है। गांधी जयंती के दिन प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का धन्यवाद जो इस देश को गांधी से बहुत दूर लेकर चले गए हैं।
वहीं, झामुमो सांसद महुआ माजी ने कहा कि अब जब केंद्र सरकार लगातार गलत निर्णय ले रही है, ऐसे लोगों की नियुक्तियां स्वायत्त संस्थानों के लिए की जा रही हैं जो कहीं से भी भरोसे के योग्य नहीं है। तो जेन-जी या देश की जनता क्या करे? उनके पास कोई और चारा तो है नहीं। SIR के नाम पर हमारे देश में इतनी गड़बड़ियां हुई, करोड़ों लोगों के नाम काटे गए, उसमें कई लोगों ने शिकायतें कीं, जिसके निपटारे में ही 12 साल लग जाएंगे… चुनाव जीतने के लिए हर तरह के अस्त्र का आप प्रयोग कर रहे हैं। जहां गड़बड़ियां होंगी, वहां जेन-जी या तमाम पार्टियां विरो ध तो करेंगी ही। आप उनकी बात मान लीजिए, आपको केवल ज्ञानेश कुमार को ही हटाना है…"
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि SIR खारिज करने की जरूरत है। 13 करोड़ से ज्यादा लोगों को मत के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। कई ऐसे देश हैं, जिनकी पूरी आबादी 10 करोड़ है। कई देशों की आबादी से ज्यादा, यहां पर लोगों को मताधिकार से वंचित किया गया है। इस SIR को खारिज करके, 4 जून 2024 को जो मतदाता सूची थी, उसे बहाल करना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए। यही आज पूरे देश की मांग है।
Updated on:
02 Oct 2026 12:27 pm
Published on:
02 Oct 2026 12:17 pm
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