
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) की तीसरी लहर ने भले ही दस्तक ना दी हो लेकिन जानकारों की मानें तो खतरा अभी टला नहीं है। यही वजह है कि सरकार इसको लेकर कड़े कदम उठा रही है। वहीं वैक्सीनेशन ( Corona Vaccination )पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इस बीच महाराष्ट्र ( Maharashtra ) के औरगांबाद ( Aurangabad ) से बड़ी खबर सामने आई है।
यहां टीकाकरण को लेकर जिला प्रशासन काफी सख्त नजर आ रहा है। लेकिन इस सख्ती के चलते प्रशासन ने एक अजीभ फैसला लिया है। दररअसल टीका नहीं लगवाने वालों को पेट्रोल, राशन और गैस नहीं देने का प्रशासन ने ऐलान किया है।
औरंगाबाद में प्रशासन ने फरमान जारी करते हुए राशन की दुकानों, गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों को केवल उन लोगों को किराने का सामान और ईंधन की आपूर्ति करने के लिए कहा है, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की कम से कम एक खुराक ली है।
दरअसल, टीकाकरण अभियान को तेज करने के लिए इस तरह का फैसला किया गया है।
26वें स्थान पर है औरंगाबाद
अधिकारियों के मुताबिक औरंगाबाद राज्य के 36 जिलों में टीकाकरण के लिहाज से 26वें स्थान पर है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 55 फीसदी पात्र लोगों का टीकाकरण किया गया है जबकि राज्य में 74 फीसदी लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।
एक अधिकारी ने कहा कि मंगलवार रात जारी आदेश में औरंगाबाद के कलेक्टर सुनील चव्हाण ने उचित मूल्य की दुकानों, गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों के अधिकारियों को ग्राहकों के टीकाकरण प्रमाण पत्र को देखने का निर्देश दिया।
आदेश के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों की मानें तो प्रशासन के निर्देश का पालन नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। संबंधित लोगों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई प्रशासन की ओर से की जाएगी।
ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों में प्रवेश पर भी रोक
बता दें कि हाल में कलेक्टर ने यह भी आदेश दिया था कि जिन लोगों ने कोरोना रोधी टीके की एक भी खुराक नहीं ली है, उन्हें औरंगाबाद के ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
Published on:
10 Nov 2021 04:22 pm
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