
UGC-NET और NEET-UG विवादों के बाद NTA में बड़े बदलाव होंगे। (फोटो - चैटजीपीटी)
NTA Examination System: यूजीसी-नेट और नीट-यूजी समेत कई परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी है। शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई कदमों की घोषणा की है। इसके तहत 600 विशेषज्ञों को हटाया गया है। नए अधिकारियों और विशेषज्ञों को जोड़ा जा रहा है और प्रश्नपत्रों की जांच से लेकर NTA के कार्यालय की सुरक्षा तक व्यवस्था बदली जाएगी।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सोमवार और मंगलवार को NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद परीक्षा सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
NTA प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार स्तर की व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसका मकसद प्रश्नपत्र में तथ्यात्मक, भाषाई या अन्य तरह की गलतियों की संभावना को कम करना है। UGC-NET जैसी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद यह बदलाव अहम माना जा रहा है।
परीक्षा टीम में बदलाव के तहत करीब 600 विशेषज्ञों को हटाया गया है। उनकी जगह नए विशेषज्ञों को जोड़ा जा रहा है। इससे परीक्षा से जुड़े अलग-अलग कामों के लिए विशेषज्ञों का नया समूह तैयार किया जाएगा।
NTA में अगले दो से तीन हफ्तों में करीब 20 से 25 नए अधिकारियों को शामिल किए जाने की तैयारी है। मंत्रालय ने एजेंसी की कार्यक्षमता और मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए आगे भी नियुक्तियों की योजना की समीक्षा की है।
NTA के दिल्ली स्थित कार्यालय को नई जगह पर शिफ्ट करने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी का मौजूदा कार्यालय ओखला से मिंटो रोड में स्थानांतरित किया जा सकता है। इस बदलाव का एक प्रमुख उद्देश्य NTA के संवेदनशील परीक्षा संचालन को बेहतर सुरक्षा देना है।
नए NTA परिसर में CISF की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। परीक्षा से जुड़े संवेदनशील काम और गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
NTA ने कई महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की है। इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO), चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO), चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO), जनरल मैनेजर-टेस्ट सिक्योरिटी और जनरल मैनेजर-रिसर्च एंड डेवलपमेंट एंड साइकोमेट्रिक्स जैसे पद शामिल हैं।
साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र तैयार करने जैसे क्षेत्रों में प्राइवेट सेक्टर के विशेषज्ञों को NTA से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमता बढ़ाना है।
शिक्षा मंत्रालय ने NTA को परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं में भी व्यापक बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस (CONOPS) व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसमें सुरक्षित कमरे, एयर-गैप्ड सिस्टम और परीक्षा से जुड़े संवेदनशील उपकरणों के लिए डिवाइस-डिपॉजिट प्रोटोकॉल जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। यह व्यवस्था अक्टूबर 2024 में पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के बाद तैयार की गई थी।
NTA को अपनी सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का व्यापक ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। एजेंसी को ऑडिट के बाद एक रिपोर्ट भी देनी होगी, जिसमें कमियों को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी होगी।
NTA ने 25 जुलाई को 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। इसके तहत मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और अन्य निर्धारित जगहों पर चौबीसों घंटे सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
NTA पिछले कुछ समय से कई बड़ी परीक्षाओं को लेकर विवादों में रहा है। UGC-NET और NEET-UG समेत परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, सुरक्षा और परीक्षा संचालन को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसे में शिक्षा मंत्रालय की ओर से किए जा रहे इन बदलावों का मकसद प्रश्नपत्र की गुणवत्ता सुधारना, परीक्षा की गोपनीयता मजबूत करना और NTA की जवाबदेही बढ़ाना है।
Updated on:
19 Aug 2026 03:33 pm
Published on:
19 Aug 2026 03:29 pm
