
पीएम नरेंद्र मोदी
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागपुर में रविवार को एक घंटे के अंदर हिंदुत्व और सामाजिक न्याय के पुरोधाओं को श्रद्धांजलि देकर दोनों के पैरोकारों को बड़ा संदेश देंगे। इस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडों को धार देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। संघ पिछले कुछ हिंदुत्व की छतरी तले हजारों जातियों को एकजुट करने से जुड़े 'एक कुआं, एक मंदिर और एक श्मशान' वाले सामाजिक समरसता एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी 11 वर्ष के कार्यकाल में पहली बार डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर जाकर संघ-शक्ति के साथ यह भी संदेश देंगे कि संघ और भाजपा भविष्य का भारत बनाने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। 2047 तक देश को विकसित बनाने के प्रयास में संघ की नीतियों पर भी सरकार चलेगी। कभी संघ प्रचारक रहे पीएम मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि उन्हें देश के लिए जीने की प्रेरणा संघ से मिली है।यह भी कह चुके हैं कि हमारी सरकार अगले एक हजार साल के भारत की नींव को मजबूती देने के लिए कार्य कर रही है।
माना जा रहा है कि आने वाले समय में आंतरिक सुरक्षा, समान नागरिक संहिता, वन नेशन- वन इलेक्शन, भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण, जनसांख्यिकी असंतुलन जैसे मुद्दों पर भाजपा अपने मातृ संगठन के साथ मिलकर और तेजी से कार्य करेगी।
-वर्ष 2025 में संघ के 100 साल पूरे हो रहे हैं। देश भर में सेवा कार्यों की संघ बड़ी परियोजनाएं शुरू कर रहा है। इसमें प्रमुख है नागपुर में विश्वस्तरीय माधव नेत्रालय की आधारशिला रखना।
-जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधारशिला रखेंगे तो उस दौरान देश ही नहीं दुनिया संघ के सेवाकार्यों से परिचित होगी। इससे संघ के 100 साल में देश और समाज में दिए योगदान की भी चर्चा होगी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागपुर दौरे के लिए 30 मार्च की खास तारीख भी इसीलिए चुनी है, क्योंकि इस दिन भारतीय नववर्ष शुरू हो रहा है और मराठी समाज का गुड़ी पड़वा पर्व भी है।
- अटल बिहारी बाजपेयी के बाद संघ के स्मृति मंदिर जाने वाले मोदी दूसरे प्रधानमंत्री होंगे। इसके पूर्व 27 अगस्त 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी भी गए थे।
- ध्यान रखने वाली बात है कि संघ का मुख्यालय नागपुर के महाल में स्थित है, जबकि रेशिमबाग में संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार का स्मारक है।
1- हिंदुत्व और समरसता के एंजेडे को आगे बढ़ना
पहला कारण, खुद संघ का आमंत्रण और दूसरा है 2024 के लोकसभा चुनाव में बहुमत से चूकने के बाद दोनों संगठनों के बीच कथित मतभेद की खबरों के कारण बनती गलत धारणा को तोड़ना। तीसरा बड़ा कारण है हिंदुत्व और सामाजिक समरसता को एक दूसरे का पूरक बनाने का प्रोजेक्ट।
2- संघ का कई एंजेडा पूराकर नए संकल्प का दिन
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया। संघ के स्वदेशी अभियान को मेक-इन-इंडिया के तहत आगे बढ़ाने की कोशिश की। इसके कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'सबसे प्रिय स्वयंसेवक' बन चुके हैं। अब वह नवसंवत्सर के मौके पर नए संकल्पों का आह्वान करना चाहेंगे।
3- हेडगेवार और अंबेडकर का एक साथ स्मरण
यही वजह है कि पीएम मोदी डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि देने के तुरंत बाद नागपुर में दीक्षाभूमि जाकर संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर को भी याद करने जाएंगे। एक ही घंटे के अंदर हिंदुत्व के पुरोधा डॉ. हेडगेवार और फिर सामाजिक न्याय और समरसता के अग्रदूत डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि देकर बड़े संदेश देंगे।
Updated on:
30 Mar 2025, 9:59 AM IST
Published on:
30 Mar 2025, 7:34 AM IST
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