
लचित बरफुकन की जयंती पर पीएम मोदी बोले, कोई भी व्यक्ति और रिश्ता देश से बड़ा नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहोम जनरल लचित बरफुकन की 400वीं जयंती समारोह में कहाकि, वीर लाचित बारफूकन का जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हम व्यक्तिगत स्वार्थों को नहीं, देशहित को प्राथमिकता दें। उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हमारे लिए परिवारवाद, भाई-भतीजावाद नहीं बल्कि देश सबसे बड़ा होना चाहिए... कह सकते हैं कि कोई भी व्यक्ति, रिश्ता देश से बड़ा नहीं होता है। मोदी ने कहाकि, हमें वीर लाचित की 400वीं जन्म जयंती मनाने का सौभाग्य उस कालखंड में मिला है जब देश अपनी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। यह ऐतिहासिक महोत्सव असम के इतिहास का एक गौरवशाली अध्याय है।
लचित बरफुकन की 400वीं जयंती समारोह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहोम जनरल लचित बरफुकन की 400वीं जयंती समारोह में हिस्सा लिया और उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनपर लिखी किताब का पीएम मोदी ने विमोचन किया। इस जयंती समारोह में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, राज्यपाल जगदीश मुखी, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और अन्य शामिल थे।
अपनी विरासत पर गर्व के भाव से भरा है देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि, आज देश गुलामी की मानसिकता को छोड़ अपनी विरासत पर गर्व करने के भाव से भरा हुआ है। आज भारत न सिर्फ अपनी सांस्कृतिक विविधता को मना रहा है बल्कि अपनी संस्कृति के ऐतिहासिक नायक-नायिकाओं को गर्व से याद भी कर रहा है।
भारत का इतिहास योद्धाओं, विजय का इतिहास
पीएम मोदी ने कहाकि, भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का इतिहास नहीं है। भारत का इतिहास योद्धाओं, विजय का इतिहास है। भारत का इतिहास अत्याचारियों के विरुद्ध अभूतपूर्व शौर्य और पराक्रम दिखाने का इतिहास है। भारत का इतिहास जय का है। भारत का इतिहास जंग का है, त्याग, तप का है।
मुश्किल दौर में विभूति अवतरित हुई
पीएम मोदी ने कहाकि, जब कोई मुश्किल दौर, चुनौती खड़ी हुई तो उसका मुकाबला करने के लिए कोई न कोई विभूति अवतरित हुई। हमारी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए संत और मनीषी आए। भारत को तलवार की जोर से कुचलने का मंसूबा पाले, आक्रमणकारियों का मां भारती की कोख से जन्मे वीरों ने सामना किया।
भारत की जीवन ज्योति अमर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि, लाचित बारफूकन भी ऐसे वीर थे। उन्होंने दिखाया कि कट्टरता और आतंक के हर आग का अंत हो जाता है, लेकिन भारत की जीवन ज्योति अमर बनी रहती है।
Updated on:
25 Nov 2022, 1:57 PM IST
Published on:
25 Nov 2022, 1:56 PM IST
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