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इंडो-पेसिफिक क्षेत्र वैश्विक समुदाय के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण : राजनाथ सिंह

दिल्ली में आयोजित 'इंडो-पेसिफिक क्षेत्रीय संवाद-2022' में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहाकि, इंडो-पेसिफिक क्षेत्र न केवल क्षेत्रीय बल्कि व्यापक वैश्विक समुदाय के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद के चौथे संस्करण की शुरुआत 23 नवंबर (बुधवार) को नई दिल्ली में हुई।
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नई दिल्ली

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 25 Nov 2022, 12:13 PM IST

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इंडो-पेसिफिक क्षेत्र वैश्विक समुदाय के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण : राजनाथ सिंह

दिल्ली में आयोजित 'इंडो-पेसिफिक क्षेत्रीय संवाद-2022' में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहाकि, इंडो-पेसिफिक क्षेत्र न केवल क्षेत्रीय बल्कि व्यापक वैश्विक समुदाय के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। इंडो-पेसिफिक सदियों से व्यापार को बढ़ाने में मदद करती रही है। उन्होंने आगे कहाकि, वैश्विक समुदाय इसके लिए कई मंचों और एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहा है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सबसे प्रमुख है। अब हमें सामूहिक सुरक्षा के प्रतिमान को साझा हितों और सभी के लिए साझा सुरक्षा के स्तर तक बढ़ाने की आवश्यकता है।

वैश्विक व्यवस्था जो सबके लिए फायदेमंद हो

दिल्ली में आयोजित 'इंडो-पेसिफिक क्षेत्रीय संवाद-2022' में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहाकि, मेरा दृढ़ विश्वास है कि यदि सुरक्षा वास्तव में एक सामूहिक उपक्रम बन जाए, तो हम एक वैश्विक व्यवस्था बनाने के बारे में सोच सकते हैं, जो हम सभी के लिए फायदेमंद हो।

इंडो-पेसिफिक क्षेत्रीय संवाद-2022 का 25 नवंबर को अंतिम दिन

हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद के चौथे संस्करण की शुरुआत 23 नवंबर (बुधवार) को नई दिल्ली में हुई। इस संवाद का नई दिल्ली में 25 नवंबर को अंतिम दिन है। यह भारतीय नौसेना का एक शीर्ष-स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन है और सामरिक स्तर पर नौसेना की भागीदारी की प्रमुख अभिव्यक्ति को दर्शाता है।

इस क्षेत्र के समग्र विकास एक सक्रिय योगदानकर्ता है भारत

इस कार्यक्रम में एक दिन पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने कहा कि भारत को भूगोल द्वारा हिंद प्रशांत में एक सुविधाजनक स्थान प्राप्त हुआ है और भारत इस क्षेत्र के समग्र विकास और समृद्धि में एक सक्रिय योगदानकर्ता रहा है। एडमिरल ने शांतिपूर्ण समुद्री क्षेत्र के 3 पहलुओं- सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि किस तरह से IPOI (इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव) तीनों डोमेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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