
Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में संविधान दिवस समारोह में शामिल हुए। पीएम मोदी ने समारोह को संबोधित करते हुए सभी देशवासियों को संविधान दिवस (Constitution Day) की शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत के संविधान का ये 75वां साल पूरे देश के लिए एक असीम गौरव का दिवस है। मैं आज भारत के संविधान को, संविधान सभा के सभी सदस्यों को आदरपूर्वक नमन करता हूं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व का जब हम स्मरण कर रहे हैं, तब ये भी नहीं भूल सकते कि आज के ही दिन मुंबई में हुए आतंकी हमले की भी बरसी है। इस हमले में जिन व्यक्तियों का निधन हुआ, उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं। मैं देश का यह संकल्प भी दोहराता हूं कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले हर आतंकी संगठन को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारे संविधान निर्माता ये जानते थे कि भारत की आकांक्षाएं, भारत के सपने समय के साथ नई ऊंचाई पर पहुंचेंगे। वो जानते थे कि आजाद भारत की और भारत के नागरिकों की जरूरतें बदलेंगी, चुनौतियां बदलेंगी। इसलिए उन्होंने हमारे संविधान को महज कानून की एक किताब बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि इसको एक जीवंत, निरंतर प्रवाहमान धारा बनाया। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान देश की हर अपेक्षा और जरूरत पर खरा उतरा है। संविधान की ताकत के कारण ही आज बाबा साहेब का संविधान जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू हो पाया है। पहली बार जम्मू-कश्मीर में संविधान दिवस मनाया गया। आज भारत परिवर्तन के एक बड़े दौर से गुजर रहा है और भारत का संविधान हमें रास्ता दिखा रहा है। यह हमारे लिए एक मार्गदर्शक बन गया है।
उन्होंने कहा कि भारतीयों को त्वरित न्याय मिले, इसके लिए नई न्याय संहिता लागू की गई है। दंड आधारित व्यवस्था अब न्याय आधारित व्यवस्था में बदल चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में, 53 करोड़ से ज्यादा ऐसे भारतीयों का बैंक खाता खुला है, जो बैंक के दरवाजे तक नहीं पहुंच पाते थे। पिछले 10 वर्षों में 4 करोड़ ऐसे भारतीयों को पक्का घर मिले हैं, जो कई कई पीढ़ियों से बेघर थे। पिछले 10 वर्षों में 10 करोड़ से ज्यादा ऐसी महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला है, जो वर्षों से अपने घर में गैस पहुंचने का इंतजार कर रही थीं। आज देश का बहुत ज्यादा जोर देश के नागरिकों को ईज ऑफ लिविंग पर है। एक समय था जब पेंशन पाने वाले सीनियर सिटीजन को बैंक में जाकर साबित करना होता था कि वो जीवित हैं। आज सीनियर सिटीजन को घर बैठे ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा मिल रही है। इस सुविधा का लाभ करीब डेढ़ करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को मिल चुका है।
Updated on:
26 Nov 2024, 8:36 PM IST
Published on:
26 Nov 2024, 8:36 PM IST
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