
राजद नेता आलोक मेहता। फोटो-IANS
Patna News: दिल्ली के तिलक नगर इलाके में सड़क निर्माण के निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक स्थानीय युवक को थप्पड़ मारे जाने का मामला अब राजनीतिक विवाद में बदल गया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए हैं। वहीं, एनडीए की सहयोगी पार्टी जदयू ने भी घटना की निंदा की है। भाजपा ने मामले पर सफाई देते हुए किसी भी तरह की हिंसा का विरोध करने की बात कही है।
मामला तिलक नगर इलाके में बन रही सड़क के निरीक्षण के दौरान का बताया जा रहा है। सामने आए वीडियो में प्रवेश वर्मा एक स्थानीय युवक को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि युवक सड़क की स्थिति से जुड़ी शिकायत या उसका वीडियो बना रहा था।
वीडियो सामने आने के बाद इस घटना को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और दिल्ली की राजनीति में मुद्दा गरमा गया।
राजद नेता आलोक मेहता ने घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस घटना से भाजपा के सार्वजनिक चरित्र और जनता की समस्याओं के प्रति उसकी संवेदनशीलता का पता चलता है। आलोक मेहता ने कहा कि संबंधित व्यक्ति टूटी हुई सड़कों का वीडियो बना रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति सरकार या जनप्रतिनिधियों की कमियों को सामने लाता है, तो क्या वह उनका दुश्मन हो जाता है।
राजद नेता ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की प्रतिक्रिया और आलोचना को सुनने की क्षमता होनी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर लोगों की बात सुनने और आलोचना स्वीकार करने की गुंजाइश खत्म हो जाए और बातचीत का माहौल न रहे, तो लोकतंत्र कमजोर होता है।
आलोक मेहता ने आरोप लगाया कि दिल्ली से लेकर बिहार तक सरकारें इसी दिशा में काम कर रही हैं। ये आरोप राजद नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ''यह किस तरह का लोकतंत्र है?''
एनडीए की सहयोगी जदयू ने भी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की निंदा की जानी चाहिए, चाहे इन्हें कोई भी करे।
श्याम रजक ने कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन, प्रदर्शन और विरोध दर्ज कराना लोगों का अधिकार है। अगर कोई मंत्री या अधिकारी है तो उसकी जिम्मेदारी है कि वह जनता की बात सुने और उसे बर्दाश्त करे।
श्याम रजक ने कहा कि लोग अपनी समस्याएं लेकर जनप्रतिनिधियों के पास ही जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर विरोध या ऐसी किसी स्थिति में हिंसा का इस्तेमाल होता है तो वह उचित नहीं है और जदयू इसकी निंदा करता है।
विवाद के बीच भाजपा ने भी मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि घटना का वीडियो सामने आ चुका है और उन्हें उम्मीद है कि इसमें शामिल लोग इस पर सफाई देंगे।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा किसी भी तरह की हिंसा का विरोध किया है। उनके मुताबिक, पार्टी शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की हिंसा के खिलाफ है।
प्रवेश वर्मा से जुड़ी इस घटना के वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। राजद ने इसे जनता की आवाज और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि जदयू ने विरोध और प्रदर्शन के अधिकार का हवाला देते हुए हिंसा की निंदा की है। वहीं, भाजपा ने किसी भी तरह की हिंसा का विरोध करने की अपनी स्थिति दोहराई है।
Updated on:
28 Sept 2026 03:04 pm
Published on:
28 Sept 2026 02:13 pm
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