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राहुल गांधी की 12 साल की राजनीति पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार, EVM से अर्थव्यवस्था तक उठाए सवाल

EVM Controversy: बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के कई पुराने राजनीतिक मुद्दों को एक साथ सामने रखकर कांग्रेस पर निशाना साधा। ईवीएम, बेरोजगारी, अर्थव्यवस्था और अडानी-अंबानी से जुड़े आरोपों को लेकर चंद्रशेखर ने अलग-अलग सवाल उठाए हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 01, 2026

Rajeev Chandrashekhar

Rajeev Chandrashekhar

Rahul Gandhi Politics: दिल्ली में बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी की राजनीति और उनके सार्वजनिक बयानों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। चंद्रशेखर ने रोजगार, युवाओं, ईवीएम, लोकतंत्र, अर्थव्यवस्था और उद्योगपतियों से जुड़े राहुल गांधी के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों की राजनीति को तथ्यों और चुनावी नतीजों की कसौटी पर भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर देश की आर्थिक वृद्धि और केरल में रोजगार की स्थिति को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए।

बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी करीब 12 साल की राजनीतिक यात्रा को कई बड़े मुद्दों के संदर्भ में पेश किया। समाचार एजेंसी ANI के X पोस्ट पर चंद्रशेखर ने कहा कि राहुल गांधी लगातार देश के युवाओं की बेरोजगारी और असंतोष को राजनीतिक मुद्दा बनाते रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के 2014 में सत्ता से बाहर होने के समय देश के श्रमबल की स्थिति पर भी चर्चा होनी चाहिए।

चंद्रशेखर ने दावा किया कि उस समय बड़ी संख्या में युवा शिक्षा और कौशल से वंचित थे। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने विशेष रूप से केरल का जिक्र किया और कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार वाले राज्यों में रोजगार की स्थिति पर भी सवाल उठने चाहिए। हालांकि, रोजगार के आंकड़ों को राज्यवार और अलग-अलग आयु वर्ग के हिसाब से देखना जरूरी है। MoSPI की PLFS 2025 रिपोर्ट में 15-29 आयु वर्ग के लिए केरल की बेरोजगारी दर 18.2 प्रतिशत दर्ज की गई है।

Rahul Gandhi Politics: EVM और चुनावी व्यवस्था पर भी निशाना

बीजेपी नेता ने राहुल गांधी के ईवीएम को लेकर उठाए गए सवालों का भी उल्लेख किया। चंद्रशेखर का कहना था कि ईवीएम को व्यवस्थित तरीके से हैक किए जाने के आरोपों को साबित नहीं किया जा सका। चुनावी पारदर्शिता को लेकर भारत में ईवीएम के साथ वीवीपैट व्यवस्था भी लागू है। चुनाव आयोग के अनुसार, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तय संख्या में वीवीपैट पर्चियों का इलेक्ट्रॉनिक परिणाम से मिलान किया जाता है। आयोग के मुताबिक अब तक जिन बड़ी संख्या में वीवीपैट का मिलान किया गया है, उनमें वोट को एक उम्मीदवार से दूसरे उम्मीदवार में स्थानांतरित किए जाने का मामला सामने नहीं आया है।

हालांकि, ईवीएम को लेकर राजनीतिक बहस पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और विपक्ष समय-समय पर चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा सत्यापन की मांग उठाता रहा है। ऐसे में चंद्रशेखर का बयान इसी लंबे राजनीतिक विवाद का हिस्सा है।

अर्थव्यवस्था पर आंकड़ों का हवाला

चंद्रशेखर ने राहुल गांधी के भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर आलोचनात्मक बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का हवाला देते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मृत बताने वाली धारणा आंकड़ों से मेल नहीं खाती।

यहां आधिकारिक आंकड़ा महत्वपूर्ण है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। मंत्रालय के मुताबिक इसी अवधि में वास्तविक GDP का अनुमान 81.36 लाख करोड़ रुपये रहा।

अडानी-अंबानी के आरोप पर भी पलटवार

चंद्रशेखर ने राहुल गांधी के उन आरोपों का भी जिक्र किया जिनमें केंद्र सरकार पर अडानी और अंबानी जैसे बड़े कारोबारी समूहों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया जाता रहा है। बीजेपी नेता ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं, वहां भी इन उद्योगपतियों के साथ सरकारों के कारोबारी संबंध और निवेश से जुड़े मामले मौजूद हैं।

उन्होंने पुलवामा हमले और बालाकोट एयरस्ट्राइक को लेकर राहुल गांधी के पुराने बयानों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि कांग्रेस नेता ने इन घटनाओं पर सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे।

इस पूरे बयान से साफ है कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस अब रोजगार और अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर चुनावी संस्थाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और उद्योग नीति जैसे मुद्दों तक पहुंच चुकी है। चंद्रशेखर ने राहुल गांधी के पिछले वर्षों के बयानों को एक साथ रखकर उनके राजनीतिक विमर्श पर सवाल उठाने की कोशिश की है। वहीं, इन मुद्दों पर अंतिम तस्वीर समझने के लिए राजनीतिक आरोपों के साथ आधिकारिक आंकड़ों, न्यायिक फैसलों और चुनाव आयोग के रिकॉर्ड को अलग-अलग देखना जरूरी है।

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