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‘पंजाब में न कानून का इकबाल बचा, न अपराधियों में भय’, सचिन पायलट का ‘आप’ सरकार पर हमला

पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पायलट ने कहा कि पंजाब में न तो कानून का इकबाल बचा है और न ही अपराधियों में कानून का भय दिखाई दे रहा है।
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भारत

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kamlesh sharma

•

Oct 04, 2026

Sachin Pilot

सचिन पायलट। फाइल फोटो- आईएएनएस

नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। पायलट ने कहा कि पंजाब में न तो कानून का इकबाल बचा है और न ही अपराधियों में कानून का भय दिखाई दे रहा है। सचिन पायलट सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एक ही दिन में एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक पूर्व सरपंच की हत्या बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हो रही वारदातें इस बात का संकेत हैं कि अपराधियों के मन में कानून का डर कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।

पुलिस स्टेशन और पुलिसकर्मी तक सुरक्षित नहीं

सचिन पायलट ने कहा कि हालात इतने गंभीर हैं कि पुलिस थाने और पुलिसकर्मी तक सुरक्षित नहीं हैं, जबकि गिरोहबाजों और अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था किसी भी सरकार की सबसे पहली जिम्मेदारी है। पायलट ने आरोप लगाया कि पंजाब की जनता को सुरक्षित माहौल चाहिए, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार के शासन में कानून-व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है।

मतदाता सूची में नाम हटाने को लेकर भी निशाना

वहीं जयपुर में सचिन पायलट ने मीडिया से बात करते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश कानून के आधार पर चलता है और कानून के मुताबिक निर्वाचन आयोग में तीन सदस्य होते हैं। किसी भी नियम को सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर पारित किया जाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने स्थापित नियमों को दरकिनार करते हुए अपनी मर्जी से पूरी प्रक्रिया शुरू की। पायलट ने दावा किया कि देशभर में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले इसी सरकार के शासन में नोटबंदी हुई और अब 'वोटबंदी' लागू की जा रही है, जिससे मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ रहा है।

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