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SAGA Group Scam: ED की बड़ी कार्रवाई, 30 करोड़ के संपत्ति और दस्तावेज जब्त

SAGA Group Ponzi Scam : ईडी ने SAGA ग्रुप पोंजी स्कैम में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज की। छापेमारी में करोड़ों रूपये, गोल्ड, विदेशी मुद्रा और दस्तावेज भी मिले।
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भारत

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Saurabh Mall

Aug 18, 2026

ED-IT Raid

SAGA Group Ponzi Scam: ED ने फ्रीज किए 30 करोड़ के शेयर और सिक्योरिटीज (इमेज सोर्स: ANI)

SAGA Group Ponzi Scam Latest Update: SAGA ग्रुप पोंजी स्कैम के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय यानी कि ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मुंबई और भोपाल में चार दिनों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई 13 अगस्त से 16 अगस्त 2026 के बीच हुई। जांच के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी, सोना, विदेशी मुद्रा और कई अहम दस्तावेज मिले। ED ने 30 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के शेयर, सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड, LIC पॉलिसी और बैंक बैलेंस भी फ्रीज किए हैं। मामले में SAGA ग्रुप के CMD और मुख्य नियंत्रक बताए जा रहे समीर अग्रवाल की तलाश जारी है।

चार दिन चली ED की छापेमारी

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया। मुंबई और भोपाल में कई ठिकानों पर तलाशी ली। ये ठिकाने समीर अग्रवाल और उनके साथियों से जुड़े बताए गए हैं।

तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज मिले। ED ने 1.53 करोड़ रुपये नकद भी जब्त किए। करीब 35 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा मिली। इसके अलावा 5.25 करोड़ रुपये कीमत के सोने के आभूषण और चांदी का बुलियन भी बरामद किया गया। एजेंसी ने 9 महंगी गाड़ियों को भी जब्त किया।

30 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज

ED के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान अपराध से हुई कमाई से जुड़ी कई संपत्तियों का पता चला। इनमें 30 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के लिस्टेड शेयर और सिक्योरिटीज शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि SAGA ग्रुप ने निवेशकों को आकर्षक और सुनिश्चित रिटर्न का लालच दिया।

बताया गया कि लोगों से आवर्ती जमा, सावधि जमा और मासिक आय योजनाओं में पैसा लगाने को कहा गया। निवेशकों को तीन से पांच साल में रकम दोगुनी या तिगुनी करने का भरोसा दिया गया। कार जैसे महंगे गिफ्ट देने का भी दावा किया गया।

ED के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क ने कथित तौर पर 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई। इसमें वास्तविक कारोबारी गतिविधि के बजाय नकली बैंकिंग सिस्टम और अवास्तविक रिटर्न का इस्तेमाल किया गया।

50 से ज्यादा शेल कंपनियों का नेटवर्क

जांच में ED को 50 से ज्यादा शेल एंटिटीज का नेटवर्क मिलने का दावा है। एजेंसी के अनुसार, इन कंपनियों को कथित तौर पर अलग-अलग ऑपरेटर नियंत्रित कर रहे थे। ED का आरोप है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का बड़ा हिस्सा कैश में लिया गया। इसके बाद शेल कंपनियों और हवाला चैनलों के जरिए पैसे को अलग-अलग जगह भेजा गया। इन पैसों का इस्तेमाल भारत और विदेशों में चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किए जाने का आरोप है।

SAGA ग्रुप के प्रमुख बताए जा रहे समीर अग्रवाल देश से बाहर हैं और फरार बताए गए हैं। ED पहले ही दो अलग-अलग प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत कुछ संपत्तियां अटैच कर चुका है।

इस मामले में ग्रुप के एक अधिकारी रवि शंकर तिवारी को 14 जुलाई को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 24 जुलाई को स्पेशल कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल की गई।