
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा(फोटो सोर्स-IANS)
SIR Controversy: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और कांग्रेस के बीच विवाद और तेज हो गया है। चुनाव आयोग की ओर से 26 सितंबर को जारी प्रेस नोट के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आयोग पर सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं देने का आरोप लगाया है। खेड़ा ने खास तौर पर Form 6 में किए गए बदलाव को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग के स्पष्टीकरण से स्थिति साफ होने के बजाय और ज्यादा कन्फ्यूजन पैदा हुआ है।
पवन खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग के प्रेस नोट में SIR और Form 6 से जुड़े मुख्य सवालों का जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि Form 6 में किए गए बदलावों पर आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने भी आपत्ति जताई थी। खेड़ा के मुताबिक, आयोग अब कह रहा है कि SIR के बाहर मतदाता रजिस्ट्रेशन के लिए पुराना Form 6 उपलब्ध रहेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राज्यों में SIR के बाद चुनाव हो चुके हैं और बीच में सामान्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) नहीं हुआ, वहां नए मतदाताओं के लिए इस पुराने Form 6 की क्या प्रासंगिकता होगी।
Form 6 में SIR से जुड़े अतिरिक्त विवरण मांगे जाने को लेकर पहले भी विवाद सामने आया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नए मतदाताओं से यह जानकारी मांगी गई थी कि उनका, उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली SIR की मतदाता सूची में था या नहीं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस बदलाव पर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्ति जताई थी। कांग्रेस का आरोप है कि इस बदलाव से पहली बार वोट देने वाले युवाओं के लिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया मुश्किल हुई। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया है कि Form 6 में बदलाव के लिए संसद की मंजूरी क्यों नहीं ली गई।
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर के अपने स्पष्टीकरण में कहा कि SIR की अवधि के दौरान Form 6 से जुड़ी घोषणा को सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के आदेश का समर्थन हासिल है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR के बाहर सामान्य प्रक्रिया में 1960 के नियमों के तहत निर्धारित Form 6 का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोग ने SIR से जुड़े मामलों में कई अन्य कदमों की भी घोषणा की। मसलन, जिन मतदाताओं को अनमैप्ड रिकॉर्ड या लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के कारण नोटिस मिला है, उनके घर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) जाकर डाक्यूमेंट्स जुटा सकेंगे। आयोग ने ECINET पोर्टल की नियमों के अनुरूप कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने की भी घोषणा की है।
Updated on:
27 Sept 2026 04:15 pm
Published on:
27 Sept 2026 04:15 pm
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