2 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कैप्टन स्मित मच्छार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देने की मांग, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने पीएमओ को लिखा पत्र

Flydubai Pilot: फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने फ्लायदुबई संकट में बहादुरी दिखाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या नागरिक सम्मान देने के लिए PMO से अनुरोध किया है।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Anurag Animesh

•

Oct 02, 2026

Smit Machchhar news

कैप्टन स्मित मच्छार(फोटो-IANS)

Smit Machchhar: फ्लायदुबई की उड़ान में जानलेवा संकट के दौरान यात्रियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार देने की मांग उठी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से कैप्टन मच्छार के नाम पर उचित राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या राष्ट्रीय नागरिक सम्मान के लिए विचार करने का अनुरोध किया है। फेडरेशन ने कहा है कि यह सम्मान भारत सरकार के लागू नियमों और सक्षम अधिकारियों की ओर से तथ्यों के वेरिफिकेशन के बाद दिया जा सकता है। संगठन ने कैप्टन मच्छार के साहस और मुश्किल परिस्थिति में दिखाई गई सूझबूझ को देखते हुए उनके नाम पर विचार करने की अपील की है।

फ्लायदुबई की उड़ान में क्या हुआ था?


कैप्टन स्मित मच्छार दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लायदुबई की उड़ान के पायलट थे। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने उन पर हमला किया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान करीब 14 हजार फीट नीचे आया था। बाद में बैकअप क्रू ने विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा।

PM मोदी ने वीडियो कॉल पर जाना हाल


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। उन्होंने कैप्टन के साहस, सूझबूझ और मुश्किल परिस्थिति में संयम बनाए रखने की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार भावुक भी हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि उनके लिए यह बेहद खास पल है। मच्छार ने बताया कि संकट के दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया, जिससे उन्हें हिम्मत मिली।

दुनियाभर में हो रही बहादुरी की चर्चा

फ्लायदुबई की उड़ान में हुए घटनाक्रम के बाद कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की व्यापक चर्चा हो रही है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने और यात्रियों तथा क्रू को स्थिति संभालने का मौका देने में अहम भूमिका निभाई।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग