
सुप्रीम कोर्ट (File Photo)
Supreme Court:सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में महिलाओं संग ज्यादती के मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है। इनमें कालकाजी मंदिर के पास नाबालिग लड़की से सामुहिक दुष्कर्म व चलती स्लीपर बस में नाबालिग संग यौन उत्पीड़न का मामला शामिल है।
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने NCR में यौन अपराधों की बार-बार हो रही घटनाओं पर चिंता जताते हुए स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका (पीआईएल) दर्ज करने और सुनवाई के लिए लिस्ट करने का निर्देश दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय में जस्टिस पारदीवाला की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में यौन अपराधों की हालिया रिपोर्टों पर दिल्ली पुलिस व संबंधित अन्य सुरक्षा एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार कानून लागू करने वाली एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों के कामकाज को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा होती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सम्मान के साथ और हिंसा के डर के बिना जीने का अधिकार, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का एक अहम हिस्सा है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अपर्याप्त रोशनी, निगरानी, गश्त या अन्य ऐसी प्रशासनिक कमियों की वजह से पार्क, सड़कें, बसें, मेट्रो स्टेशन, सबवे और फुटब्रिज को 'हाई-रिस्क जोन' नहीं बनने दिया जा सकता है। साथ ही, सरकार को संबंधित अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई करने व लोगों की जवाबदेही तय करने के आदेश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट का यह दखल ऐसे समय में आया है, जब हाल के सप्ताह में दिल्ली और उससे सटे एनसीआर में कई यौन अपराधों की खबरें सामने आई हैं। चिंता बढ़ाने वाली हालिया घटना में दिल्ली में कालकाजी मंदिर के पास एक पार्क में पुलिसकर्मी बनकर आए तीन लोगों ने कथित तौर पर 17 साल की लड़की के साथ सामुहिक दुष्कर्म किया। पुलिस के मुताबिक, लड़की 22 सितंबर को अपने एक पुरुष दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर गई थी और बाद में पास के एक पार्क में चली गई। तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर उनके पास आकर खुद को पुलिसकर्मी बताया, उन्हें धमकाया और उनके मोबाइल फोन छीन लिए।
पीड़िता ने बाद में पुलिस को बताया कि उनमें से दो लोग उसे पार्क के एक सुनसान हिस्से में ले गए, जहां उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि आसिफ नाम के एक आरोपी ने उसे धमकाते हुए बंदूक दिखाई थी। पीसीआर कॉल मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में मुठभेड़ के दौरान आसिफ को पकड़ लिया गया और उसे गोली लगी। बाकी दो आरोपियों का पता लगाने की कोशिशें जारी थीं।
ग्रेटर नोएडा-दिल्ली इलाके में चलती स्लीपर बस के अंदर 16 साल की लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न का मामला भी शामिल है। दरअसल, यूपी की मैनपुर की रहने वाली नाबालिग नोएडा आई हुई थी। बस छूटने के बाद वह दूसरी स्लीपर बस में सवार हो गई। आरोप है कि उक्त स्लीपर बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और बाद में उसे दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पहले ही इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था और दिल्ली व गौतम बुद्ध नगर के पुलिस कमिश्नर और मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर जांच और पीड़िता को दिए गए मुआवजा के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया और फोरेंसिक जांच के लिए स्लीपर बस को जब्त कर लिया। जांचकर्ताओं ने गाड़ी की आवाजाही और घटनाक्रम का पता लगाने के लिए रास्ते के सीसीटीवी फुटेज भी इकट्ठा किए।
Updated on:
28 Sept 2026 01:59 pm
Published on:
28 Sept 2026 01:20 pm
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