1 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

TMC Bank Account Freeze: टीएमसी के बैंक खातों पर सुप्रीम कोर्ट में फिर झटका, चार खातों को फ्रीज करने के मामले में सुनवाई से इनकार

Supreme Court TMC : टीएमसी के चार बैंक खातों पर लगी रोक को लेकर दायर ताजा याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया। मामले की जड़ में टीएमसी विधायक विश्वनाथ दास की साइबर अपराध शिकायत और उसके बाद शुरू हुई जांच है।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Manoj Vashisth

•

Oct 01, 2026

Supreme Court TMC

Supreme Court TMC : TMC के चार बैंक खातों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला (फोटो सोर्स:@barandbench)

West Bengal Police Cyber Crime: तृणमूल कांग्रेस के लिए बैंक खातों से जुड़ा कानूनी विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन शीर्ष अदालत ने इस चरण पर पार्टी की नई याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मामला पश्चिम बंगाल पुलिस की उस कार्रवाई से जुड़ा है, जिसमें साइबर अपराध की शिकायत के बाद टीएमसी से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किया गया था। शिकायत में कथित तौर पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और अवैध गतिविधियों से जुड़े धन के खातों में पहुंचने का आरोप लगाया गया है।

क्या है पूरा मामला?

टीएमसी के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने का विवाद जून 2026 में सामने आया था। Bar & Bench की रिपोर्ट और उसके आधिकारिक X पोस्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ के सामने टीएमसी की ओर से खातों पर लगी रोक को चुनौती दी गई। हालांकि, अदालत ने इस स्तर पर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

विवाद की शुरुआत टीएमसी विधायक विश्वनाथ दास की ओर से की गई साइबर अपराध शिकायत से हुई। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार, दास ने 18 जून 2026 को बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया कि कथित अवैध गतिविधियों, प्रभाव के दुरुपयोग और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़ी रकम कुछ बैंक खातों के जरिए भेजी या जमा की गई।

शिकायत के आधार पर उसी दिन एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामले में कार्रवाई शुरू की। न्यायिक दस्तावेजों के मुताबिक, 7 जुलाई को छह बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश जारी हुआ था, जिनमें चार एचडीएफसी बैंक और दो आईसीआईसीआई बैंक के खाते शामिल थे। इनमें से तीन एचडीएफसी खाते उस एफआईआर से सीधे जुड़े बताए गए।

पहले हाईकोर्ट में भी उठा था सवाल

इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की कार्यवाही भी अहम रही है। जुलाई में अदालत ने पुलिस द्वारा खातों को तेजी से फ्रीज किए जाने पर सवाल उठाते हुए संबंधित रकम और खातों की जानकारी मांगी थी। अदालत ने उस समय इस कार्रवाई की प्रक्रिया और उपलब्ध सामग्री पर स्पष्टीकरण की जरूरत जताई थी।

बाद में हाईकोर्ट ने विशेष अधिकारी की निगरानी में टीएमसी को रोजमर्रा के खर्च और कानूनी खर्च के लिए कुछ खातों के संचालन की अनुमति दी थी।

आरोप अभी जांच का विषय

पूरे विवाद का केंद्र यह है कि शिकायत में जिन वित्तीय लेनदेन पर सवाल उठाए गए हैं, उनकी जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती है। शिकायत में लगाए गए आरोपों को अदालत ने अंतिम रूप से साबित तथ्य के तौर पर स्वीकार नहीं किया है। टीएमसी की ओर से पहले भी खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई और शिकायत की प्रकृति पर आपत्ति जताई गई थी।

ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का ताजा रुख फिलहाल इस विवाद में किसी अंतिम निष्कर्ष के बजाय अदालत के समक्ष आई नई याचिका पर सुनवाई न करने तक सीमित है। मामले की आगे की दिशा संबंधित जांच और लंबित न्यायिक कार्यवाहियों से तय होगी।