28 सितंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

TMC का चुनाव चिह्न विवाद: चुनाव आयोग को 3 महीने का अल्टीमेटम, ममता बनर्जी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

AITC party symbol dispute: सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस चुनाव चिह्न विवाद में ईसीआई को 3 महीने में फैसला लेने का आदेश दिया है। ममता बनर्जी की याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Mukul Kumar

•

Sep 28, 2026

Mamata Banerjee news

ममता बनर्जी। (फोटो-IANS)

Supreme Court Trinamool Congress: सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न विवाद में बड़ा फैसला सुनाया है। पार्टी के दो गुटों के बीच चल रहे झगड़े को लेकर चुनाव आयोग को तीन महीने के अंदर फैसला लेने का निर्देश दिया गया है। यह आदेश ममता बनर्जी की याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने आयोग के फैसले को चुनौती दी थी।

दूसरे गुट ने नहीं दिया जवाब

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। चुनाव आयोग ने आगामी उपचुनावों के लिए पार्टी का चुनाव चिह्न फ्रीज कर दिया था। यह अंतरिम कदम था, क्योंकि दोनों गुटों के बीच विवाद चल रहा है।

इस मामले में कोर्ट ने साफ कहा कि उसने विवाद के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी है। सिर्फ प्रक्रिया तेज करने की बात कही गई। कोर्ट ने कहा कि ममता बनर्जी वाले पक्ष ने अपना जवाब पहले ही जमा कर दिया है। दूसरी तरफ, विरोधी गुट का जवाब अभी बाकी है।

विरोधी गुट को चार हफ्ते का समय

कोर्ट ने विरोधी गुट को चार हफ्ते का समय दिया कि वे अपना जवाब दाखिल करें। उसके बाद चुनाव आयोग को तीन महीने के अंदर पूरा विवाद निपटाने को कहा गया है।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

उधर, सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने एक चार्ट पेश किया। इसमें दिखाया गया कि पहले भी ऐसे कई पार्टी चिह्न विवादों को कितना समय लगा।

आयोग ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसे मामले सामने आए हों। उन्होंने बताया कि पिछले मामलों में जो समय लगा, वैसा ही यहां भी लग सकता है। कोर्ट ने इस बात को ध्यान में रखते हुए समय सीमा तय की।

क्या है विवाद?

यह विवाद तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच है। एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है और दूसरा विरोधी गुट। चुनाव चिह्न फ्रीज होने से उपचुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों को मुश्किल हो सकती थी। इसलिए ममता बनर्जी ने कोर्ट से गुहार लगाई कि फैसला जल्दी हो।

उपचुनावों पर असर

कोर्ट के इस आदेश से अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है। विरोधी गुट चार हफ्ते में जवाब देगा। उसके बाद आयोग को तीन महीने का वक्त मिलेगा। इस दौरान आयोग दोनों पक्षों की बात सुनेगा और फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने साफ किया कि वह सिर्फ समय सीमा तय कर रहा है, विवाद में कोई पक्ष नहीं ले रहा।