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जब प्रशासन ने नहीं सुनी तो लोगों ने ही बना दी 2 किमी की सड़क, तमिलनाडु में ग्रामीणों ने दी वोटर ID लौटाने की चेतावनी

Mayiladuthurai Rural Roads: तमिलनाडु के मयिलाडुदुरै में प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने खुद जुटाए 5 लाख रुपए और बना दी 2 किमी सड़क। अब वोटर ID, आधार और राशन कार्ड लौटाने की चेतावनी।
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Chhattisgarh News

सड़क (File Photo - Patrika)

Mayiladuthurai Rural Roads: तमिलनाडु के मयिलाडुदुरै जिले के कोल्लिडम पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन की उदासीनता के विरोध में राशन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे सरकारी दस्तावेज लौटाने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से मांग करने के बावजूद सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं किया गया, जिसके चलते उनको खुद अपने खर्च पर सड़क बनानी पड़ी।

लंबे समय से कर रहे थे सड़क की मांग

सिरकाझी के आसपास स्थित दस से अधिक गांवों- सामियम, सरस्वती विलगम, कोन्ना काट्टू पडुगै, कीरनगुडी, पत्तियामेडु, बालुरन पडुगै और वदारंगम के लोग लंबे समय से सड़क की मरम्मत तथा पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि साउथ राजन नहर के दक्षिणी किनारे पर स्थित इन गांवों को जोड़ने वाली 7 किलोमीटर लंबी सड़क कई वर्षों से जर्जर थी।

हर घर से लिए करीब दो-दो हजार रुपए

ग्रामीणों ने बताया उन्होंने यूनियन कार्यालय, तहसील तथा जिला प्रशासन से कई बार सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन किसी भी सरकार, जनप्रतिनिधि या अधिकारी ने उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया। आखिरकार कोन्नाकाट्टुपाडुकै गांव के लोगों ने हर घर से करीब दो-दो हजार रुपए का सहयोग जुटाया और लगभग पांच लाख रुपए एकत्र कर जेसीबी व रोड रोलर की मदद से दो किलोमीटर सड़क का बेस तैयार कराया।

मौके पर पहुंचे अधिकारी, लेकिन नहीं दिया ठोस आश्वासन

सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और सड़क का निरीक्षण किया, लेकिन पक्की सड़क के निर्माण को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने स्वयं अतिरिक्त धन जुटाकर डामर सड़क बनाने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि जब सरकार और प्रशासन उनकी समस्या नहीं सुन रहे हैं तो वे जल्द ही अपने सभी सरकारी पहचान पत्र जिला प्रशासन को सौंपकर विरोध दर्ज कराएंगे।