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चीन-पाक चुनौती के बीच IAF की बड़ी तैयारी, तेजस MK-1A की पहली पूर्ण स्क्वाड्रन का ठिकाना तय

Fighter Squadron: तेजस MK-1A की डिलीवरी में देरी दूर करने की तैयारी है। राजस्थान के नाल एयरबेस पर पहली पूर्ण स्क्वाड्रन तैनात होगी। जानें 27 एयरफ्रेम, इंजन और डिलीवरी का पूरा अपडेट।
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नई दिल्ली

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Anand Prakash Yadav

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आनंद मणि त्रिपाठी

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Oct 06, 2026

IAF squadron strength

नाल में उड़ान भरेगा स्वदेशी तेजस एमके-1ए अक्टूबर में होगी समीक्षा, photo source@ChatGpt

First Full Squadron: चीन और पाकिस्तान के दो मोर्चों को संभालने के लिहाज से भारतीय वायुसेना की लगातार कम हो रही स्क्वाड्रन क्षमता एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में तेजस युद्धक विमानों के उन्नत संस्करण एमके-1ए वायुसेना को इसी वित्त वर्ष से मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए अक्टूबर माह में ही इसकी नियमित डिलीवरी को लेकर समय सीमा तय करने की समीक्षा होगी।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) इस समीक्षा में विमान की लंबित तकनीकी समस्याओं की अंतिम स्थिति रिपोर्ट पेश करेगा। वहीं पाकिस्तान सीमा के करीब राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित नाल एयरबेस पर स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए की पहली पूर्ण स्क्वाड्रन तैनात की जाएगी।

तेजस एमके-1ए का ज्यादातर एकीकरण कार्य पूरा हो चुका है। इजराइली ईएल/एम-2052 एईएसए रडार से जुड़ी दो-तीन छोटी तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है। तकनीकी समस्याएं दूर होने के बाद विमान को सैन्य उड़ान योग्यता नियामक सीईएमआईएलएसी की अंतिम मंजूरी भी लेनी होगी।

27 एयरफ्रेम तैयार, 10 इंजन मिले

एचएएल अध्यक्ष रवि के. के अनुसार तेजस एमके-1ए के 27 एयरफ्रेम तैयार हैं और जीई एयरोस्पेस से 10 एफ404 इंजन मिल चुके हैं। एचएएल मार्च 2027 तक 16 से 18 विमानों वाली पहली पूर्ण स्क्वाड्रन के लिए विमान उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इंजन आपूर्ति में देरी से समय सीमा प्रभावित हुई है।

180 विमानों का ऑर्डर, डिलीवरी का इंतजार

फरवरी 2021 में करीब 48 हजार करोड़ रुपए में 83 तेजस एमके-1ए खरीदने का करार हुआ था। इनकी डिलीवरी फरवरी 2024 से शुरू होनी थी, लेकिन अब तक एक भी विमान वायुसेना को नहीं मिला है। सितंबर 2025 में करीब 62,370 करोड़ रुपए में 97 और तेजस एमके-1ए का करार किया गया।

वायुसेना की तैयारी एक नजर में

  • 30 - मौजूदा लड़ाकू स्क्वाड्रन (16 से 18 विमान एक स्क्वाड्रन में )
  • 42- अधिकृत लड़ाकू स्क्वाड्रन
  • 36-40- हर साल जरूरी लड़ाकू विमान
  • 24- हर साल प्रस्तावित तेजस एमके-1ए

भारतीय वायुसेना के पास मौजूद प्रमुख युद्धक विमान- सुखोई-30 एमकेआइ, राफेल, मिराज-2000, जगुआर, मिग-29 और तेजस।

114 राफेल से आसमानी ताकत बढ़ाने की तैयारी

हाल में वायुसेना प्रमुख अमरप्रीत सिंह ने पुष्टि की थी कि 114 मल्टी रोल राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा इसी वित्त वर्ष में हो सकता है। प्रस्ताव के तहत 96 राफेल विमानों का निर्माण भारत में किया जाना है, जबकि बाकी विमान तैयार स्थिति में मिलेंगे।