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Election Commission Controversy:’वोट के साथ क्या हो रहा है?’ CEC विवाद पर मनोज झा ने कह दी बड़ी बात

Manoj Jha Statement: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी के बीच RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि अब यह मामला सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों और उनके वोट से जुड़ गया है।
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Manoj Jha

RJD नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने CEC विवाद पर सवाल उठाए। (फाइल फोटो-IANS)

Gyanesh Kumar Impeachment:मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विपक्षी दल अब उन्हें पद से हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच RJD नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने इस पूरे मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब यह मामला केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष या संसद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोगों के बीच पहुंच चुका है।

मनोज झा ने कहा कि लोगों के मन में अब यह सवाल उठ रहा है कि उनके साथ क्या हो रहा है और उनके वोट के साथ क्या हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब कोई मामला इस तरह लोगों के बीच पहुंच जाता है तो उसके बाद कई रास्ते खुल जाते हैं। इसी वजह से उन्होंने कहा कि अब यह सिर्फ संसद का मामला नहीं, बल्कि सड़क का मामला बन गया है।

CEC के खिलाफ प्रस्ताव की तैयारी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नया प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि प्रस्ताव को कानूनी जानकारों की मदद से तैयार किया जा रहा है और संयुक्त विपक्ष की ओर से दोनों सदनों में नोटिस दिया जाएगा।

इस विवाद की एक बड़ी वजह मतदाता सूची का SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन भी है। इसके अलावा चुनाव आयोग के कामकाज और कुछ फैसलों को लेकर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है।

चुनाव आयोग के अंदर क्या हुआ?

हाल में एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयोग के दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कई बार अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इनमें SIR, वोटर डेटा और फॉर्म-6 से जुड़े मामले भी शामिल बताए गए हैं।

हालांकि, चुनाव आयोग ने अंदरूनी मतभेद की बात से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि किसी मुद्दे पर अलग राय रखना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और अंतिम फैसले सभी चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।

मनोज झा ने 'सड़क' की बात क्यों कही?

मनोज झा के बयान का मुख्य मुद्दा लोगों और उनके वोट से जुड़ा है। उनका कहना है कि जब आम लोगों के मन में यह सवाल आने लगे कि उनके वोट के साथ क्या हो रहा है, तो मामला केवल संसद में होने वाली बहस तक सीमित नहीं रहता।

फिलहाल CEC के खिलाफ प्रस्ताव की तैयारी और SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बयानबाजी तेज है। अब नजर इस बात पर है कि संसद में प्रस्ताव कब लाया जाता है और इस पर आगे क्या कार्रवाई होती है।