
Shehzad Poonawalla : भाजपा से इस्तीफे के बाद शहजाद पूनावाला का बड़ा खुलासा, बोले- कांग्रेस में आऊंगा, मगर...(फाइल फोटो- एएनआई)
नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के सोशल मीडिया प्रोफाइल में किए गए बदलाव के बाद उनके बीजेपी छोड़ने की चर्चा तेज हो गई है। शहजाद पूनावाला ने अपने एक्स (X) प्रोफाइल से नेशनल स्पोक्सपर्सन, बीजेपी हटाकर नया बायो लिखा है। इसके साथ उन्होंने अपने नए बायो का स्क्रीनशॉट भी साझा किया। इसी दौरान उन्होंने अपने पुराने इंटरव्यू के कुछ वीडियो भी दोबारा पोस्ट किए।
इन घटनाक्रमों के बाद सोशल मीडिया पर उनके भाजपा छोड़ने की चर्चा शुरू हो गई। इस बीच कॉकरोज जनता पार्टी ने अपने एक्स हैंडल से भी दावा किया गया कि शहजाद पूनावाला ने भाजपा छोड़ दी है और निजी कारणों का हवाला दिया है। पोस्ट में उन पर राजनीतिक टिप्पणी भी की गई। पार्टी ने उन पर मुस्लिम समुदाय के शोषण करने वालों का साथ देने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
हालांकि अब तक शहजाद पूनावाला की ओर से भाजपा छोड़ने या सक्रिय राजनीति से अलग होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। भाजपा ने भी इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ऐसे में फिलहाल उनके पार्टी छोड़ने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं दूसरी तरफ पूनावाला ने सोशल मीडिया पर की गई एक निजी टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। उन्होंने अपनी मां का जिक्र करते हुए कहा कि कठिन समय में उनकी मां ने घर के बर्तन खुद साफ किए और उन्हें सिखाया कि हर काम सम्मान के योग्य होता है।
पूनावाला ने एक्स पर लिखा कि वह बर्तन साफ करने वाले लोगों का भी पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा उन्हें परिवार की तरह अपनाया और पार्टी कार्यालय में सम्मान के साथ भोजन कराया। उन्होंने अपने जवाब में विपक्ष पर भी निशाना साधा। पूनावाला ने लिखा कि भाजपा ने उनसे कभी ताहिर हुसैन जैसे व्यक्ति का पक्ष लेने के लिए नहीं कहा। उन्होंने बिना किसी पार्टी का नाम लिए कहा कि ऐसा चलन कुछ दूसरी पार्टियों में देखने को मिलता है।
इससे पहले आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद शहजाद पूनावाला ने फैसले पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा था कि पीड़ित की मौत के बाद भी उस पर हमला जारी रहा और यह एक सुनियोजित हत्या थी। पूनावाला ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' मामला बताते हुए कहा था कि उनकी राय में ताहिर हुसैन को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। उन्होंने लिखा था कि ताहिर हुसैन को फांसी दी जानी चाहिए थी। उम्रकैद से कम नहीं, बल्कि उससे भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए थी। आखिर उम्रकैद क्यों?
Updated on:
31 Jul 2026 09:05 pm
Published on:
31 Jul 2026 09:01 pm
