
पुलिसकर्मियों पर हमले को लेकर DCP सृष्टि पांडे सख्त, फोटो सोर्स- ANI
Srishti Pandey statement: प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर दिल्ली पुलिस की DCP सृष्टि पांडे ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि युवाओं को गलत दिशा में ले जाने के लिए किसी तरह का अनुचित प्रभाव काम करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने लोगों से ऐसी गतिविधियों से दूर रहने और उनके दीर्घकालिक व कानूनी परिणामों पर विचार करने की अपील की।
DCP सृष्टि पांडे ने कहा कि वर्दी में अपने कानूनी कर्तव्यों का पालन कर रहे पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करना किसी भी स्थिति में समाज के लिए एक अच्छा संदेश नहीं होता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों पर हाथ उठाना, उन्हें मारने की कोशिश करना, काटना या खरोंचना गंभीर और उचित व्यवहार नहीं होता है।
DCP ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि पुलिस हमेशा जनता के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि दिल्ली पुलिस ने कभी किसी को निराश किया है। उनके मुताबिक, पुलिस ने लगातार खुद को एक सक्षम और प्रभावी बल के रूप में साबित किया है। मौजूदा घटनाक्रम को लेकर उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी कदम को उठाने से पहले उसके दीर्घकालिक परिणामों और कानूनी कार्रवाई के बारे में सोचें। उन्होंने लोगों से गैरकानूनी गतिविधियों से बचने और इस तरह के व्यवहार से पूरी तरह दूर रहने की अपील की।
दिल्ली के जंतर-मंतर के पास मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ INDIA ब्लॉक (कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान, ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर मारपीट, धक्का-मुक्की और बदसलूकी का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़े कई वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा महिला पुलिस अधिकारियों व कांस्टेबलों के साथ हाथापाई करने, उनके बैज व कपड़े फाड़ने की कोशिश करने और पुलिसकर्मियों को भीड़ में खींचने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल अंकित कसाना सहित कुछ कर्मियों ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि 40-50 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेरकर बुरी तरह पीटा, जिसके बाद घायल कर्मियों को राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस हिंसक झड़प और सरकारी काम में बाधा डालने के गंभीर आरोपों के तहत दिल्ली पुलिस ने फुटेज की जांच शुरू करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
Updated on:
08 Oct 2026 03:59 pm
Published on:
08 Oct 2026 03:59 pm
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