
वेणुगोपाल का आरोप- दिल्ली में ‘अघोषित आपातकाल’ जैसे हालात, फोटो सोर्स- ANI
KC Venugopal: दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर कथित पाबंदियों और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को विपक्षी नेता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी चिंताओं को सामने रखने की तैयारी में जुटे रहे। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने दिल्ली के हालात को ‘अघोषित आपातकाल’ बताते हुए सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
संसद पहुंचे केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा और आगे की रणनीति के बारे में उचित समय पर जानकारी दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन और लोगों की आवाजाही पर रोक जैसी स्थिति बनी हुई है। वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में विरोध प्रदर्शन और जुलूस होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार को उनसे निपटने के लिए लोकतांत्रिक तरीका अपनाना चाहिए।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी संसद पहुंचीं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता आपस में बैठक करेंगे और उसके बाद आगे की रणनीति की जानकारी देंगे। ममता बनर्जी ने ट्रेनों के रद्द होने पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कोलकाता से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस समेत कुछ ट्रेनों के रद्द होने से छात्रों और युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति विपक्ष की चिंताओं को सुनेंगी और नागरिकों को कथित ज्यादतियों से बचाने के लिए कदम उठाएंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्ष अपनी अगली रणनीति तय करेगा। चौधरी ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा कदमों से आम लोगों को असुविधा हो रही है और सरकारी खर्च भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बातचीत के जरिए भी इस स्थिति का समाधान निकाला जा सकता था। उनके मुताबिक, सरकार को लोगों की बात सुननी चाहिए और संसद में सवालों के जवाब देने चाहिए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात के सिलसिले में संसद पहुंचे।
यह घटनाक्रम भारतीय निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर विपक्ष की नाराजगी के बीच सामने आया है। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और मतदाता सूची के संशोधन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। गुरुवार को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने राजघाट पहुंचकर प्रदर्शन किया था। राजधानी दिल्ली में यह आंदोलन लगातार तीसरे दिन जारी रहा। हालांकि, निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात का उद्देश्य चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान सामने आई परिस्थितियों पर अपनी चिंताएं रखना है।
Updated on:
09 Oct 2026 06:52 pm
Published on:
09 Oct 2026 06:52 pm
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