
पंजाब में ड्रग्स के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प का बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने समर्थन किया। (फाइल फोटो -ANI)
BJP leaders reaction Punjab drugs: देश की राजधानी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस हालिया बयान पर सियासी पारा चढ़ गया है, जिसमें उन्होंने सीमावर्ती राज्य पंजाब में फैलते ड्रग्स के जहर को लेकर बेहद सख्त तेवर दिखाए हैं। गृह मंत्री के इस दो-टूक रुख के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने गृह मंत्री के इस कड़े संकल्प का जोरदार स्वागत करते हुए इसे देश की सुरक्षा और भविष्य के लिए एक अनिवार्य कदम बताया है।
मीडिया से मुखातिब होते हुए बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने पंजाब के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश हमेशा से देश की रक्षा करने वाले बेहद बहादुर और जांबाज वीरों की धरती रहा है। लेकिन चिंता की बात यह है कि आज इसी महान भूभाग को बड़े पैमाने पर नशखोरी और ड्रग्स के काले कारोबार के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।
नकवी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि यह संकट केवल किसी एक राज्य की सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राष्ट्र के लिए गहरी चिंता का विषय है। जब देश का कोई भी हिस्सा इस सामाजिक नासूर की चपेट में आता है, तो उसका सीधा असर हमारी आने वाली युवा पीढ़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ता है।
केंद्रीय गृह मंत्री की ओर से पंजाब से इस अवैध नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए लिए गए संकल्प का जिक्र करते हुए नकवी ने कहा कि उनके इस मजबूत इरादे की सराहना हर देशवासी को करनी चाहिए। उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि गृह मंत्री ने जो प्रतिबद्धता जनता के सामने रखी है, उसे वे अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रशासनिक नीतियों के जरिए धरातल पर जरूर उतारेंगे।
गौरतलब है कि पड़ोसी देशों की सीमा से सटा होने के कारण पंजाब लंबे समय से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी का आसान निशाना बनता रहा है। सुरक्षा एजेंसियां और केंद्र सरकार इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। ऐसे में गृह मंत्री के कड़े बयानों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के इस मुखर समर्थन से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में नशा मुक्ति के इस मिशन को लेकर सियासत और तेज होने वाली है। नकवी के इस बयान ने इस राष्ट्रीय बहस को एक बार फिर नए सिरे से खड़ा कर दिया है कि इस दलदल से देश के युवाओं को बचाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर कितनी मुस्तैदी से काम करने की जरूरत है।
Updated on:
22 Oct 2026 01:57 pm
Published on:
22 Oct 2026 01:57 pm
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