
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने SIR और वोट के अधिकार को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। (फोटो सोर्स-ANI)
Ramlila Maidan Rally: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली पार्टी की रैली से पहले केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लोगों के संवैधानिक अधिकारों पर असर पड़ रहा है, तो विपक्ष चुप कैसे रह सकता है? थरूर ने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं। सरकार को बस एक काम करना चाहिए, जिससे सभी संतुष्ट हो सकें और विपक्ष का विरोध रुक जाए।
थरूर का यह बयान कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक सरकार और चुनाव आयोग पर नागरिकों के अधिकार प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं, तब तक विपक्ष चुप नहीं बैठ सकता।
कांग्रेस का मुख्य विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटने का खतरा है। कांग्रेस इसे वोट देने के अधिकार से जोड़ते हुए चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रही है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रही है।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर राजनीतिक बहस जारी है। थरूर के बयान से साफ है कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे आम लोगों के वोट के अधिकार से जोड़कर उठा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली में होने वाली रैली को 'वोट बचाओ, देश बचाओ' नाम दिया है। दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दे दी है। कांग्रेस इस रैली के जरिए एसआईआर और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपना विरोध दर्ज कराना चाहती है।
रैली से पहले दिल्ली के व्यापारियों की ओर से भी चिंता जताई गई है। व्यापारियों के संगठन ने आशंका जताई कि बड़ी भीड़ और यातायात में बदलाव से कारोबार प्रभावित हो सकता है। इसके बावजूद कांग्रेस ने रैली की तैयारी जारी रखी है।
थरूर ने अपने बयान में राहुल गांधी की बात दोहराते हुए कहा कि अगर सरकार ऐसा कदम उठाती है जिससे लोगों की चिंताएं दूर हों, तो विरोध खत्म हो सकता है। उनके मुताबिक, नागरिकों के अधिकारों से जुड़े सवालों पर चुप रहना विपक्ष के लिए संभव नहीं है।
अब 1 नवंबर की रैली में कांग्रेस इस मुद्दे को किस तरह उठाती है और सरकार व चुनाव आयोग की ओर से क्या जवाब आता है, इस पर नजर रहेगी। इस कार्यक्रम के जरिए पार्टी एसआईआर को लेकर अपना विरोध और तेज करने की तैयारी में है।
Updated on:
27 Oct 2026, 3:38 PM IST
Published on:
27 Oct 2026, 3:38 PM IST
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