
shardiya navratri 2020 calendar check date and day wise puja chart
नवरात्रि, इस हिंदी वर्ष 2077 व अंग्रेजी वर्ष 2020 में देवी का नौ दिवसीय पर्व 17 अक्टूबर, शनिवार से शुरू हो रहा है जो 25 अक्टूबर को विजयदशमी तक रहेगा। इस वर्ष, पितृ पक्ष का अंत 17 सितंबर को हुआ लेकिन इसके बाद पुरुषोत्तम मास आने के कारण 17 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि, जो देवी पक्ष की शुरुआत होने जा रही है, वहीं दुर्गा पूजा 22 अक्टूबर से शुरू होगी।
हर वर्ष आने वाली इस नवरात्रि के दौरान पूरा देश शक्ति की देवी मां दुर्गा के भक्ति में डूब जाता है और 'दुर्गा दुर्गा' के मंत्र पूरे वातावरण में गूंजते हैं। शुभ और व्यापक रूप से मनाया जाने वाला दुर्गा पूजा उत्सव व्यापक रूप से न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी भारतीय प्रवासी द्वारा मनाया जाता है। वहीं दूसरी ओर शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 17 अक्टूबर से शुरु हो जाएगी, जबकि दुर्गा पूजा का आयोजन इसके छठे दिन से शुरु होता है। ऐसे में इस साल दुर्गा पूजा का मुख्य पर्व 22 अक्टूबर से शुरू होगा जो 26 अक्टूबर तक चलेगा।
वहीं जानकारों के अनुसार इस वर्ष, महालया, जो देवी पक्ष की शुरुआत है और पितृ पक्ष की समाप्ति 17 सितंबर को हुई और दुर्गा पूजा 22 अक्टूबर से शुरू हो रही है। आमतौर पर, दुर्गा पूजा महालया के छह दिन बाद शुरू होती है, लेकिन इस साल यह माला के कारण अलग है मास - चन्द्र मास जिसमें दो चन्द्रमा हों।
वहीं बंगाली कैलेंडर के अनुसार, इस बार माला मास आश्विन महीने में है और दुर्गा पूजा शुभ अवसरों पर समाप्त होती है या अनुष्ठान इस समय के दौरान नहीं देखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि देवी दुर्गा महालया के दिन पृथ्वी पर आती हैं। दुनिया भर में व्यापक रूप से मनाया जाने वाला 5 दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव बंगालियों का एक प्रमुख त्योहार है।
दुर्गा पूजा 2020 कैलेंडर: दिन-वार चार्ट
21 अक्टूबर, दिन 1 - पंचमी, कार्तिक 04, 1427, बिल्व निमन्त्रन, कल्पम्बर, अकाल बोधन, अमंत्रन और आदिवास
22 अक्टूबर, दिन 2 - षष्ठी, कार्तिक 05, 1427, नवपत्रिका पूजा, कोलाबौ पूजा
23 अक्टूबर, दिन 3 - सप्तमी, कार्तिक 06, 1427
24 अक्टूबर, दिन 4 - अष्टमी, कार्तिक 07, 1427, दुर्गा अष्टमी, कुमारी पूजा, संधि पूजा, महा नवमी
25 अक्टूबर, दिन 5 - नबामी, कार्तिक 08, 1427, बंगाल महा नवमी, दुर्गा बालिदान, नवमी होमा, विजयदशमी
26 अक्टूबर, दिन 6 - दशमी, कार्तिक 09, 1427, दुर्गा विसर्जन, बंगाल विजयदशमी, सिंदूर उत्सव
दुर्गा पूजा को दुर्गोत्सव के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें देवी दुर्गा का भक्तों द्वारा स्वागत किया जाता है और 5-दिवसीय उत्सव की तैयारी बहुत पहले से शुरू हो जाती है। लोग भक्ति में डूब जाते हैं, मस्ती का आनंद लेते हैं और पंडाल-होपिंग कई पारंपरिक अनुष्ठानों और प्रथाओं के बगल में एक आकर्षण बना हुआ है, जो दुनिया भर में बंगालियों द्वारा कड़ाई से पालन किया जाता है।
शारदीय नवरात्रि 2020
वहीं जहां नवरात्रि की बात करें तो इस बार शारदीय नवरात्रि पर्व 17 अक्टूबर से शुरु हो रहा है, जो 26 अक्टूबर 2020 को दुर्गा विसर्जन तक चलेगा। दरअसल नवरात्रि का पर्व देवी शक्ति मां दुर्गा की उपासना का उत्सव है। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी शक्ति के नौ अलग-अलग रूप की पूजा-आराधना की जाती है। एक वर्ष में पांच बार नवरात्र आते हैं, चैत्र, आषाढ़, अश्विन, पौष और माघ नवरात्र। इनमें चैत्र और अश्विन यानि शारदीय नवरात्रि को ही मुख्य माना गया है। इसके अलावा आषाढ़, पौष और माघ गुप्त नवरात्रि होती है। शारदीय नवरात्रि अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनायी जाती है। शरद ऋतु में आगमन के कारण ही इसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है।
शारदीय नवरात्रि 2020 कैलेंडर: दिन-वार चार्ट
17 अक्टूबर 2020 (शनिवार) - प्रतिपदा, नवरात्रि दिन 1, मां शैलपुत्री पूजा, घटस्थापना
18 अक्टूबर 2020 (रविवार) - द्वितीया, नवरात्रि दिन 2, मां ब्रह्मचारिणी पूजा
19 अक्टूबर 2020 (सोमवार) - तृतीया, नवरात्रि दिन 3, मां चंद्रघंटा पूजा
20 अक्टूबर 2020 (मंगलवार) - चतुर्थी, नवरात्रि दिन 4, मां कुष्मांडा पूजा
21 अक्टूबर 2020 (बुधवार) - पंचमी, नवरात्रि दिन 5, मां स्कंदमाता पूजा
22 अक्टूबर 2020 (गुरुवार) - षष्ठी, नवरात्रि दिन 6, मां कात्यायनी पूजा
23 अक्टूबर 2020 (शुक्रवार) - सप्तमी, नवरात्रि दिन 7, मां कालरात्रि पूजा
24 अक्टूबर 2020 (शनिवार) - अष्टमी, नवरात्रि दिन 8, मां महागौरी, दुर्गा महा नवमी पूजा, दुर्गा महा अष्टमी पूजा
25 अक्टूबर 2020 (रविवार) - नवमी, नवरात्रि दिन 9, मां सिद्धिदात्री, नवरात्रि पारणा, विजय दशमी
26 अक्टूबर 2020 (सोमवार) - दशमी, नवरात्रि दिन 10, दुर्गा विसर्जन
Updated on:
21 Oct 2020 03:22 am
Published on:
16 Oct 2020 12:04 pm
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