
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा के सभी सदस्यों ने एक मिनट के लिए मौन रखा। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भारत सरकार से पर्यटकों पर आतंकवादी हमलों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया और आश्वासन दिया कि तमिलनाडु तथा राज्य की जनता ऐसे प्रयासों के लिए उसके साथ खड़ी रहेगी।स्टालिन ने विधनसभा में आतंकी हमले पर गहरी चिंता और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शून्यकाल में कहा, "कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले ने हमारी अंतरात्मा को झकझोर दिया है। 2017 में अमरनाथ जाते समय आठ तीर्थयात्री मारे गए थे और 2019 में पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे। पहलगाम हमला इन हमलों की अगली कड़ी के रूप में हुआ है।"
लोकतंत्र में आतंक की कोई जगह नहीं
स्टालिन ने जोर देते हुए कहा, "भारतीय लोकतंत्र में आतंकवादी हमलों के लिए कोई जगह नहीं है। हमारा कर्तव्य केवल इस हमले की निंदा करने से खत्म नहीं होता। हमें भविष्य में ऐसा होने से रोकना होगा।" एक आतंकवादी संगठन के इस हमले की जिम्मेदारी लेने की सूचना देते हुए सीएम ने कहा, "यह वहां व्याप्त सबसे खराब, भयानक और भयावह स्थिति को दर्शाता है। आतंकवादी और चरमपंथी संगठनों का सिर कुचल दिया जाना चाहिए।"
तमिलनाडु के पर्यटकों की मदद
आतंकवादी हमले में घायल हुए तमिलनाडु के पर्यटकों की मदद के लिए उठाए गए तत्काल कदमों को याद करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठा रही है कि राज्य के प्रभावित पर्यटकों को उचित उपचार मिले और वे सुरक्षित अपने मूल स्थानों पर पहुंच सकें। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर सदन के सदस्यों ने दिवंगत आत्माओं के सम्मान में मौन रखा। सदन में विपक्ष के नेता एडपाड़ी के. पलनीस्वामी, टीएनसीसी अध्यक्ष व विधायक दल के नेता के सेल्वापेरुन्थगै, भाजपा नेता नैनार नागेंद्रन, अलूर शाहनवाज (वीसीके), वी. नागैमाली (सीपीएम), टी रामचंद्रन (सीपीआइ), ईआर ईश्वरन (केएमडीके), टी. वेलमुरुगन (टीवीके) और पूवई एस. जगनमूर्ति (पूरच्ची भारतम) ने पर्यटकों पर आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।
Published on:
23 Apr 2025 07:13 pm
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