
पी. एस. विजयराघवन
चेन्नई. तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर खींचतान ने उच्च शिक्षा व्यवस्था को जकड़ लिया है। मद्रास विश्वविद्यालय समेत पंद्रह राज्य विश्वविद्यालय बिना नियमित कुलपति के चल रहे हैं। सत्ता के इस टकराव का सीधा असर छात्रों, प्राध्यापकों और संबद्ध कॉलेजों पर पड़ रहा है। गतिरोध जारी रहा तो वर्षांत तक रिक्त वीसी पदों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। राज्य सरकार ने हाल ही में वीसी सर्च कमेटी का दायरा तीन से बढ़ाकर 5 सदस्य करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही मुख्यमंत्री को कुलाधिपति बनाने की मांग ने विवाद को और गहरा कर दिया है। फिलहाल राज्य के 22 विश्वविद्यालयों में से 20 में राज्यपाल ही कुलाधिपति हैं।
सुप्रीम कोर्ट का रुख2023 के केरल के कण्णूर विश्वविद्यालय मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि राज्यपाल को कुलाधिपति के रूप में स्वतंत्र रूप से कार्य करना चाहिए, न कि सरकार के रबर स्टैंप की तरह। तमिलनाडु में पंद्रह विश्वविद्यालयों में नियुक्तियां अटकी हुई हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज ठप है। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में याचिका लंबित है और यूजीसी समेत अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी हो चुका है। वहीं, सीएम को कुलाधिपति बनाने का मामला भी विचाराधीन है जिसमें पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने हलफनामा देकर विधानसभा को नियम बदलने का अधिकार बताया है।
कॉलेजों और विद्यार्थियों की दुविधानियमित कुलपति न होने से संबद्ध कॉलेजों और विद्यार्थियों को गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। निजी कॉलेजों ने आरोप लगाया है कि दो वर्षों से मार्कशीट और डिग्रियों की छपाई नहीं हो रही, जिससे छात्र निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों की ओर पलायन कर रहे हैं। मद्रास विश्वविद्यालय ने तीन सेमेस्टर से शिक्षकों को मूल्यांकन और परीक्षा निरीक्षण का मानदेय नहीं दिया है। निजी कॉलेजों की एसोसिएशन का कहना है कि उनकी मांगें लगातार अनसुनी जा रही हैं और प्रतिनिधियों से मुलाकात तक नहीं हो रही।
नई सरकार से उम्मीदनिजी कॉलेज प्रबंधन को उम्मीद है कि नई सरकार विवि कुलपतियों की नियुक्तियों का त्वरित समाधान करेगी और उच्च शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाएगी।
इन विवि में नहीं है कुलपति
मद्रास विवि, तमिलनाडु वेटनेरी विवि, अन्नामलै विवि, पेरियार विवि, मदुरै कामराज विवि, तमिलनाडु डा. अम्बेडकर लॉ विवि, तमिलनाडु कृषि विवि, तमिलनाडु खुला विवि, अन्ना विवि, तमिल विवि, तिरुवल्लुवर विवि, भारतीयार विवि, तमिलनाडु शारीरिक शिक्षा व खेल विवि, भारतीदासन विवि व तमिलनाडु शिक्षण शिक्षण विवि।
मद्रास विवि का बिगड़ा प्रबंधन
पिछले दो वर्षों से मद्रास विश्वविद्यालय में कुप्रबंधन के कारण उससे संबद्ध कॉलेजों में दाखिलों की संख्या घट रही है। अब छात्र निजी विश्वविद्यालयों और अन्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों की ओर रुख कर रहे हैं।
विकास सुराणा, सचिव विद्या सागर शिक्षण समूह
Updated on:
10 Jul 2026 03:47 pm
Published on:
10 Jul 2026 03:47 pm
