
नोएडा. भूमाफिया के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। वह किसी भी हालत में अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा करने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है। ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र के छपरौला गांव में नामचीन केआरबीएल राइस मिल के मालिक द्वारा सरकारी चक रोड और नाली की जमीन पर अवैध कब्जा करने के मामले में जिला प्रशासन ने 4 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसमें से प्रशासन ने 50 लाख रुपये की वसूली कर ली है। यानी अब दूसरे भू-माफिया भी बच नहीं पाएंगे। क्योंकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन के हौसले बुलंद है। लिहाजा, अब जल्द ही दूसरे लैंड माफियाओं के किलाफ भी कार्रवाई जल्द ही शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। अगर ऐसा हुआ तो बड़े-बड़े भू-माफिया भी जमीन पर आ जाएंगे।
दादरी तहसील क्षेत्र के छपरौला गांव के पास केआरबीएल लिमिटेड नाम की चावल मिल है। उस पर छपरौला गांव के एक व्यक्ति बलवीर सिंह नागर ने 2011 में चक रोड और नाली की करीब 25 बीघा जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए एसडीएम से शिकायत की थी। जांच के बाद आरोप सही पाए जाने पर दादरी के तहसीलदार ने कंपनी पर 4 करोड़ 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इससे बचने के लिए कंपनी ने एडीएम न्यायिक कोर्ट में अपील की, लेकिन आरोप सत्य होने के कारण एडीएम कोर्ट ने अपील खारिज कर दी।
एडीएम कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद कंपनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने सुनवाई से पहले मामले को देखते हुए कंपनी को कम से कम 50 लाख रुपये जमा करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर दादरी के एसडीएम ने राइस मिल केआरबीएल लिमिटेड से 50 लाख रुपये की वसूली कर ली है।
केआरबीएल लिमिटेड ने अपने आसपास की ज्यादातर जमीन धीरे-धीरे खरीद ली। इसके साथ ही आसपास की सरकारी जमीन पर भी अवैध कब्जा कर लिया। इस प्रकार केआरबीएल राइस मिल का मालिक भूमाफिया बन गया। एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि कंपनी के अंदर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर कंपनी से 50 लाख रुपये की वसूली कर ली गई है।
Published on:
7 May 2018, 4:51 PM IST
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