असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस ने कांवड़ियों के लिए फूल बरसाए थे, लेकिन हफ्ते में एक बार पढ़ी जाने वाली नमाज का मतलब शांति और सद्भाव बिगड़ सकता है। ये बिल्कुल वैसा हुआ कि आप मुसलमानों से कह रहे हो कि आप कुछ भी कर लो, लेकिन गलती तो आपकी ही होगी। इसके अलावा ओवैसी ने पूछा है कि कानून के मुताबिक ये भी कहां तक जायज है कि कोई कंपनी ये तय करे कि एक कर्मचारी अपनी पर्सनल जिंदगी में क्या करता है।