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गुप्त नवरात्रि में बन रहा है ये विशेष योग, इस तरह करेंगे पूजा तो मिलेगा फल

13 जुलाई को अषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी से शुरु हो रहे हैं गुप्त नवरात्रि।
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नोएडा

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Rahul Chauhan

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Updated: 11 Jul 2018, 2:41 PM IST

नोएडा। हिंदू पंचांग के मुताबिक आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को गुप्त नवरात्रि शुरु होने जा रहे हैं। अंग्रेजी महीने के हिसाब से ये 13 जुलाई से शुरु होने जा रहे हैं। इस बार नवरात्रि में पुष्य नक्षत्र के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इस बार गुप्त नवरात्रि की शुरुआत जहां पुष्य नक्षत्र में होगी, वहीं 21 जुलाई को सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। इसके साथ ही रवियोग व अमृत सिद्धि योग में नवरात्रि का समापन होगा। सभी शुभ योग होने के कारण इस बार नवरात्रि पर विशेष पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति की जा सकती है। नोएडा निवासी पंं. विनोद कुमार शास्त्री के अनुसार गुप्‍त नवरात्रि में मां भगवती के गुप्त स्वरूप यानी काली माता की गुप्‍त रूप से अाराधना की जाती है।

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पूजा के लिए ये है शुभ मुहुर्त
सुबह 7 बजकर 49 मिनट से 10 बजकर 01 मिनट तक
दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से 4 बजकर 44 मिनट तक
रात 8 बजकर 36 मिनट से 10 बजकर 9 मिनट तक

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करेंगे ये उपाय तो पूरी होगी मनोकामना
गृहस्थ साधक जो सांसारिक वस्तुएं, भोग-विलास के साधन, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन जीना चाहते हैं, उन्हें गुप्त नवरात्रि के इन नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। यदि इतना समय न हो तो सप्तश्लोकी दुर्गा का प्रतिदिन पाठ करें। देवी को प्रसन्न करने के लिए और साधना की पूर्णता के लिए नौ दिनों में लोभ, क्रोध, मोह, काम-वासना से दूर रहते हुए केवल काली माता का ध्यान करना चाहिए। इस दिन कन्याओं को भोजन कराने के साथ ही, उन्हें सामर्थ्यानुसार दान-दक्षिणा देकर वस्त्र भेंट करने का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से विशष पुन्य लाभ होता है।