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सैनिकों की विधवाओं को यूपी सरकार ने दी यह बड़ी सौगात, ऐसे मिलेगा लाभ

पूर्व सैनिकों और विधवाओं के खिले चेहरे
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नोएडा

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Rahul Chauhan

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Updated: 11 May 2018, 4:21 PM IST

शामली। उत्तर प्रदेश सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों और शहीदों की विधवाओं द्वारा कर्ज लेने पर ब्याज दर में छूट देने का ऐलान किया है। इसके तहत पूर्व सैनिकों और शहीदों की विधवाओं द्वारा लिए गए तीन लाख रुपये तक के ऋण में चार प्रतिशत का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से जिले के पूर्व सैनिकों और शहीद सैनिकों की विधवाओं को राहत की डोज मिली है।

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उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव मनोज सिंह ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। सरकार के इस फैसले को राज्यपाल ने भी सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है, लेकिन इसके लिए सरकार द्वारा कुछ शर्तें भी लागू की गई हैं। शर्तों के मुताबिक अनुदान का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासी पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को ही मिलेगा। अनुदान देने में पूर्व सैनिकों की विधवाओं को वरीयता दी जाएगी। इस अनुदान की अधिकतम धनराशि 12 हजार रुपये प्रति लाभार्थी होगी।

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एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 400 पात्र व्यक्तियों को ही अनुदान दिया जाएगा। एक बार अनुदान की धनराशि मिलने के बाद पुत्र इसके लिए पात्र नहीं होगा। इसके अलावा शहीद सैनिक के एक आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का निर्णय सरकार ने द्वारा पहले ही लिया जा चुका है। इस निर्णय से लाभांवित हो चुके व्यक्ति को अनुदान के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। पात्रों को इस योजना का लाभ देने के लिए जिलाधिकारी, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी द्वारा पात्रता की जांच के उपरांत अनुदान की संस्तुति निदेशक सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास उत्तर प्रदेश को उपलब्ध कराई जाएगी।

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प्रमुख सचिव ने इस संबंध में सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निदेशक समेत शासन के सभी अपर मुख्य सचिव, महालेखाकार इलाहाबाद, शासन के स्टॉफ ऑफीसर और समस्त जिलाधिकारियों को शासनादेश की प्रतिलिपि भेजी है। आपको बता दें कि शामली जिले में सेना में भर्ती होने वाले युवाओं की अच्छी संख्या है। इसके अलावा यहां पर पूर्व सैनिकों की संख्या भी अधिक है। इसके बावजूद भी जिले में अभी तक सैनिक कल्याण बोर्ड का गठन नहीं हुआ है। प्रदेश सरकार के इस फैसले पर पूर्व सैनिकों और उनके परिवार के लोगों ने खुशी जाहिर की है। जिले में सैनिक कल्याण बोर्ड की अस्थायी व्यवस्था ही चल रही है।