
सफाई व्यवस्था पर निगाह रखने के लिए आयुक्त को हर सप्ताह एक वार्ड का निरीक्षण करना चाहिए। इसके अलावा, नागरिकों को भी अपने घरों और वार्ड को साफ रखने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति खुले में कचरा फेंकता है या सफाई की जिम्मेदारी नहीं निभाता है, तो उस पर जुर्माना लगाना चाहिए और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
शहरों में लोग अक्सर डस्टबीन में कचरा डालने के बजाय खुले में कचरा फेंक देते हैं, जिससे नालियां जाम हो जाती हैं और सड़क पर कचरा फैल जाता है, जो लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालता है। यह समस्या गंभीर है और निगम प्रशासन को इसे हल करने के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए। निगम आयुक्त की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की जानी चाहिए, जो नियमित रूप से तीन शिफ्टों में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए और सफाई की रिपोर्ट आयुक्त को सौंपे। साथ ही, वार्डों में कचरा डालने के लिए बड़े-बड़े कंटेनर रखे जाने चाहिए और घरों से कचरा उठाने के लिए गाड़ियों का इंतजाम भी किया जाना चाहिए। इन वाहनों में GPS सिस्टम होना चाहिए ताकि आयुक्त की स्वयम् निगरानी हो सके। सफाई व्यवस्था पर निगाह रखने के लिए आयुक्त को हर सप्ताह एक वार्ड का निरीक्षण करना चाहिए। इसके अलावा, नागरिकों को भी अपने घरों और वार्ड को साफ रखने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति खुले में कचरा फेंकता है या सफाई की जिम्मेदारी नहीं निभाता है, तो उस पर जुर्माना लगाना चाहिए और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
-आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
कचरा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। हर घर के कचरे का निस्तारण आमतौर पर महिलाएं करती हैं, लेकिन इस कार्य में उनकी जागरूकता को बढ़ाना जरूरी है। नगर निगमों और पंचायतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कचरा संग्रहण के लिए उचित व्यवस्था हो और सभी क्षेत्रों का डेटा उपलब्ध हो। कुछ नगर निगम कर्मचारी कचरे का नियमित निस्तारण नहीं करते हैं, जैसे कि कचरा वाहनों का तय समय पर न आना या अधिक कचरे को वाहन में न डालना। इस कारण से कचरा व्यवस्था पर असर पड़ता है। कचरा फैलाने वालों और सफाई व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर नियम लागू किए जाने चाहिए।
स्वच्छता के प्रयासों के बावजूद, कचरा फैलाने का काम कुछ लोगों में आदत बन गया है। जब तक इन पर स्पॉट फाइन और सफाई निरीक्षकों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक स्वच्छता की दिशा में कोई ठोस बदलाव नहीं आ पाएगा।
कचरा फैलाने वालों को आर्थिक जुर्माने के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से चौराहों पर गले में पट्टी लटकाकर सजा दी जानी चाहिए, ताकि दूसरों को इससे सबक मिले।
-नंदकिशोर शर्मा अनमोल, अधिवक्ता
कचरा फैलाने के खिलाफ कानून बनाए जाते हैं, लेकिन उनका सख्ती से पालन नहीं किया जाता। यह आवश्यक है कि हम उन क़ानूनों का पालन करें, जैसे हम विदेशों में करते हैं। इसके साथ ही सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सामुदायिक सफाई कार्यक्रम और मीडिया के माध्यम से प्रचार किया जाना चाहिए।
-डॉ. अजिता शर्मा, उदयपुर
स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन जो लोग कचरा इधर-उधर फेंकते हैं, उन्हें समझाइश और फिर सजा दी जाए और स्वच्छता के फायदे बताए जाएं।
मैं अपने घर का कचरा नगर निगम की कचरा कलेक्शन गाड़ी में डालता हूं और सड़क पर फैले कचरे को भी समय-समय पर एक जगह करके जला देता हूं। यही तरीका है गली मोहल्ले को साफ रखने का।
कचरा फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ ही, कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद भी यदि कोई कचरा फैलाता है, तो चालान किया जा सकता है।
-आजाद पूरण सिंह राजावत, जयपुर
कचरा फैलाने वालों पर आर्थिक दंड के अलावा उन्हें 'कचरा किंग' का ताज पहनाकर सार्वजनिक रूप से दिखाया जाना चाहिए ताकि उन्हें शर्मिंदगी महसूस हो और वह फिर से ऐसी हरकत न करें।
सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और बड़े पैमाने पर कचरा फैलाने वाले उद्योगों और फैक्टरियों पर विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए। इसके साथ ही, कचरा निस्तारण के लिए डंपिंग यार्ड और योजना बनाई जानी चाहिए।
-राजेंद्र पचार लीलकी, चुरू
Published on:
24 Dec 2024 11:43 am
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