
नई दिल्ली। भारत की महिला भारोत्तोलक पूनम यादव ने यहां जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में रविवार को चौथे दिन भारत को स्वर्णिम शुरुआत दी। पूनम में भारोत्तोलन में महिलाओं की 69 किलोवर्ग भार स्पर्धा में भारत को पांचवां स्वर्ण पदक दिलाया। भारत को पांच स्वर्ण पदक भारोत्तोलन प्रतियोगिता में ही मिले हैं। पूनम ने कुल 222 किलो का भार उठाया। उन्होंने स्नैच में 100 किलो का भार उठाकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, वहीं क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 122 किलोग्राम का भार उठाकर बेहतरीन प्रदर्शन किया।
विपक्षी खिलाड़ी ने दी कड़ी टक्कर -
इस स्पर्धा में पूनम को इंग्लैंड की सारा डेविस ने अच्छी टक्कर दी। वह स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाने के काफी करीब थी, लेकिन क्लीन एंड जर्क में आखिरी बारी में असफल रही और इस कारण उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पूनम ने स्नैच में सबसे अच्छा प्रदर्शन तीसरी बारी में रहा। उन्होंने तीसरी बारी में 100 किलोग्राम का भार उठाया। इससे पहले, उन्होंने पहले प्रयास में 95 किलो और दूसरे प्रयास में 98 किलो का भार उठाया।
कांस्य पदक फीजी के नाम रहा-
क्लीन एंड जर्क में पूनम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तीसरी बारी में था, जिसमें उन्होंने 122 किलो का भार उठाया। उन्होंने पहले प्रयास में 118 किलो का भार उठाया। हालांकि, वह दूसरी बारी में 122 किलो का भार उठाने में असफल रही, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने इसमें भी सफलता हासिल की। इस स्पर्धा का कांस्य पदक फीजी की अपोलोनिया वाईवाई ने जीता है। उन्होंने कुल 216 किलो का भार उठाया।
बेहद संघर्ष में बीता है जीवन -
पूनम यादव का जीवन काफी संघर्ष में बीता है। वाराणसी की रहने वाली पूनम के माता-पिता आज बेटी की इस सफलता के फूले नहीं समा रहे है। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए पूनम के परिवार का कहना है कि इस मुकाम पर पुहंचने के लिए पूनम को काफी संघर्ष किया है। कई बार ऐसा भी होता था जब पूनम के सपरिवार भूखे सोना होता था।
Published on:
08 Apr 2018 10:57 am
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