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‘उसे दो गोलियां लगी थीं’, कारगिल युद्ध में अजय आहूजा की शहादत पर बी.एस. धनोआ का खुलासा

Ajay Ahuja Operation Safed Sagar: ऑपरेशन सफेद सागर: हमले के बाद अजय आहूजा ने अपने MiG-21 से इजेक्ट किया और सुरक्षित रूप से सिंधु नदी पर उतरे। उतरने के बाद, उन्हें पाकिस्तानी सेना ने घेर लिया; भारतीय सैनिकों ने लाइन ऑफ कंट्रोल के दूसरी तरफ से यह सब देखा।
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मुंबई

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Rashi Sharma

Aug 15, 2026

Operation Safed Sagar Ajay Ahuja

रियल अजय आहूजा और उनके किरदार में सिद्धार्थ की फोटोज। (फोटो सोर्स: X-ANI and instagram-worldofsiddharth)

Operation Safed Sagar Ajay Ahuja; नेटफ्लिक्स सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' 1999 के कारगिल युद्ध की घटनाओं और भारतीय वायु सेना के बलिदानों को दिखाती है। यह शो स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की कहानी पर आधारित है, जिन्हें युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था। अजय, फ्लाइट लेफ्टिनेंट के. नचिकेता को बचाने की कोशिश कर रहे थे। इंजन फेल होने के बाद नचिकेता को अपने MiG-27 से इजेक्ट करना पड़ा था। एक पुराने इंटरव्यू में, ACM बी.एस. धनोआ ने उन घटनाओं के बारे में बताया जिनकी वजह से अजय पकड़े गए। उन्होंने कहा कि जब उनके MiG-21 पर सरफेस-टू-एयर मिसाइल से हमला हुआ, सुरक्षित बचने के लिए सब कुछ किया और सही तरीके से किया।

जनवरी 2026 में 'द लल्लनटॉप' के साथ बातचीत में, धनोआ ने कहा कि अजय ने नचिकेता के क्रैश वाली जगह को देख लिया था और उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन क्रैश वाली जगह पर नजर रखने की कोशिश में, उनका विमान नीचे की ओर चला गया। उन्होंने कहा, "क्योंकि वह नीचे आ गए थे, इसलिए वह सरफेस-टू-एयर मिसाइल की रेंज में आ गए और उन पर हमला हो गया।"

'हमले के बाद अजय आहूजा ने सब कुछ सही किया'

धनोआ ने बताया कि आहूजा के विमान पर हमले के बाद, उन्होंने "वही सब किया जो हमने स्क्वाड में तय किया था।" उन्होंने कहा कि इतनी ज्यादा ऊंचाई से विमान से इजेक्ट न करने की योजना थी क्योंकि इससे जानलेवा चोटें लग सकती थीं, और अजय ने उन निर्देशों का पालन किया। “श्रीनगर लगभग 5,500 फीट की ऊंचाई पर है, लेकिन टारगेट लगभग 14,000-15,000 फीट की ऊंचाई पर था। हमारे पास इतनी ज्यादा ठंड वाले मौसम के लिए सही उड़ान वाले कपड़े भी नहीं थे। हमने बस लुधियाना में बने आम विंटर थर्मल पहने हुए थे। इसलिए अगर आप इतनी ऊंचाई पर इजेक्ट करते हैं और 15,000 फीट से नीचे उतरते हैं, तो आपका शरीर उस माहौल के हिसाब से ढला नहीं होता, ऑक्सीजन नहीं होती, और ठंड इतनी ज्यादा होती है कि इंसान ठंड से मर सकता है। इसलिए हमने तय किया कि हुआ इजेक्ट नहीं करेंगे।"

‘अजय नदी पर उतरे, इंडियन आर्मी ने उन्हें सुरक्षित उतरते देखा’

बी.एस. धनोआ ने बताया कि मिसाइल हमले के बाद अजय आहूजा ने इंजन बंद होने के बावजूद MiG-21 को ग्लाइड करते हुए सिंधु नदी तक पहुंचाया। वहां उन्होंने अपने कोऑर्डिनेट्स बताए और इजेक्ट किया। भारतीय पोस्ट ‘डेविल्स आई’ से उन्हें सुरक्षित उतरते और फिर पाकिस्तानी नॉर्दर्न लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट (NLI) सैनिकों से घिरते देखा गया। इसके बाद उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

'अजय आहूजा को दो गोलियां मारी गई थीं'

धनोआ ने अजय आहूजा के पोस्टमॉर्टम के बारे में बताते हुए कहा, "उन्हें दो गोलियां मारी गई थीं। एक गोली गर्दन के एक तरफ से मारी गई थी और दूसरी तरफ से बाहर निकल गई थी। एक गोली उनके छाती पर लगी और नीचे की तरफ से बाहर निकली।"

इसके आगे उन्होंने बताया कि साल 2000 में हवाई में एक कोर्स के दौरान, उनकी मुलाकात साबिर मलिक नाम के एक पाकिस्तानी अधिकारी से हुई और उन्होंने उनसे अजय आहूजा की मौत के बारे में पूछा। "मैंने उनसे कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों जिनेवा कन्वेंशन का पालन करने वाले देश हैं। मगर उन्होंने दावा किया कि अजय ने खुद को गोली मारी थी। मैंने कहा कि मैं गर्दन पर लगी गोली के जख्म को तो समझ सकता हूं कि शायद उन्हें लगा होगा कि वो पकड़े जाने वाले हैं, इसलिए उन्होंने खुद को गोली मार ली होगी, लेकिन दूसरी गोली के जख्म का क्या कारण है? पायलट की मौत कभी भी छोटे हथियारों की चोट से नहीं होती। आहूजा की मौत छोटे हथियार की चोट से हुई, तो ऐसा तभी हो सकता है जब उनको पकड़ लिया गया हो और उनके साथ बर्बरता की गई हो।"

ऑपरेशन सफेद सागर के बारे में

'ऑपरेशन सफेद सागर' में सिद्धार्थ स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा का किरदार निभा रहे हैं, जबकि जिमी शेरगिल पूर्व एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ से प्रेरित किरदार निभा रहे हैं। इस सीरीज में अमृता बागची ने अल्का आहूजा का किरदार निभाया है। नेटफ्लिक्स की इस सीरीज में दिखाया गया है कि मारे जाने से पहले पाकिस्तानी सेना ने अजय आहूजा को बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया था।