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जर्जर भवन में दे रहे हैं तालीम, बच्चों के जान की नहीं है परवाह

pali school news : दांव पर लगा दी डेढ़ सौ बच्चों की जिंदगी
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पाली

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Rajeev Dave

Aug 30, 2019

pali school news : राजेन्द्रसिंह देणोक/शेखर राठौड़

पाली. भविष्य संवारने वाले शिक्षा विभाग ने डेढ़ सौ बच्चों की जिंदगी ही ‘दांव’ पर लगा दी। ऐसे भवन में तालीम दी जा रही है जहां उनकी सांसों से कभी भी खिलवाड़ हो सकता है। हैरत की बात यह भी कि बारिश का दौर अभी थमा नहीं है और भवन की हालत अत्यंत जर्जर है। इतना ही नहीं, स्कूल (school) पहुंचने का रास्ता भी हद से ज्यादा जोखिम भरा है। इसके बावजूद बच्चों के जान की किसी को परवाह नहीं है।

शहर के नया गांव इलाके की राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहे बच्चों पर बारिश के बाद से ही यह शामत आई हुई है। यहां 150 बच्चों का नामांकन है। सात शिक्षक (teacher) कार्यरत है। स्कूल भवन की छत का प्लास्टर काफी मात्रा में गिर चुका है। बच्चों पर सीमेंट-चूना हरदम गिरता है। बारिश के दौरान छतें टपकती है। भवन की हालत यह हो गई कि छत की सरिए भी दिख रहे हैं। गैलरी व कक्षाओं (class) में सीमेंट बिखरा हुआ है। हादसे की आशंका को लेकर दो कमरे बंद किए हुए हैं।

पानी से घिरा है स्कूल

विद्यार्थियों को स्कूल तक पहुंचने के लिए भी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। स्कूल भवन के बाहर काफी मात्रा में बरसाती पानी भरा है। स्कूल के पास बारिश (rain) के पानी की निकासी के लिए नाला बना हुआ है। नाले पर अतिक्रमण होने के कारण पानी स्कूल परिसर में जमा रहता है।

शिक्षक बोले, हमारी मजबूरी

शिक्षा विभाग (education office) और प्रशासन को सूचित कर दिया है। कई बार हादसा होते-हाते बचा। हमारी मजबूरी है कि बच्चों को जर्जर भवन में बिठाना पड़ रहा है। विभाग और प्रशासन को कोई उपाय करना चाहिए, अन्यथा कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अरुणकुमार जोशी, शिक्षक, राउप्रावि, नयागांव

सांसत में रहती है जान

स्कूल की टूटी छत देखकर जान हरदम सांसत में रहती है। यहां कभी हादसा हो सकता है। आसपास में कोई स्कूल नहीं होने के कारण यहां पढ़ाई के लिए आना पड़ता है। स्कूल परिसर में पानी भरा होने से भी परेशानी झेल रहे हैं।

मदनलाल व शबनम, विद्यार्थी

डीइओ बोले, तत्काल रिलीफ तो कुछ नहीं, सूचना भिजवा रहे

हैरानी की बात यह है कि जर्जर भवनों को लेकर बारिश से पूर्व कभी सतर्कता नहीं बरती जाती। प्रशासन व शिक्षा विभाग भी बारिश के दिनों में ही सूचनाएं एकत्रित करता है। जबकि भवनों की मरम्मत के लिए बारिश के दिनों से पहले ही करा दी जानी चाहिए। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय (deeo), प्रारंभिक रामस्वरूप जांगिड़ का कहना है कि भवन की स्थिति दयनीय है। शिक्षकों को सतर्कता बरतने के लिए कहा है। तत्काल रिलीफ के लिए तो हमारे पास कोई संसाधन नहीं है। ऐसा कोई बजट भी नहीं है। जिला कलक्टर को इसकी सूचना भिजवा रहे हैं।