
SIR विवाद पर जीतन राम मांझी का चिराग पासवान को जवाब, फोटो सोर्स- ANI
Jitan Ram Manjhi on Chirag Paswan; गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहले ऐसा कोई प्रचलन नहीं रहा है कि चुनाव आयोग के अध्यक्ष या उसके सदस्यों के बीच फैसलों को लेकर हुई चर्चा को सार्वजनिक किया जाए। उनके मुताबिक, ऐसा होने से गलत परंपरा स्थापित हो सकती है।
चिराग पासवान के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मांझी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि चिराग पासवान ने क्या कहा है। उन्होंने कहा कि अगर संविधान में इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करने का कोई प्रावधान है, तो उसे किया जा सकता है, लेकिन सामान्य तौर पर आयोग के आंतरिक फैसलों को सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा।
SIR से जुड़े फैसलों में कथित मतभेद के सवाल पर मांझी ने केंद्र सरकार की कैबिनेट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में भी कई मुद्दों पर चर्चा होती है और अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन अंत में जो फैसला लिया जाता है, उसे सामूहिक निर्णय माना जाता है। मांझी ने कहा कि इसी तरह SIR पर भी विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय हो सकती है, लेकिन अंतिम फैसला सर्वसम्मति से लिया जाता है।
SIR को लेकर विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने अपने हालिया स्पष्टीकरण में कहा है कि मतदाता सूची के SIR से जुड़े फैसले आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए थे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी कहा था कि चुनाव आयोग को जनता के मन में उठ रहे सवालों और आशंकाओं को दूर करने के लिए अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा था कि चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
SIR को लेकर विपक्षी दल जहां चुनाव आयोग से कई सवाल पूछ रहे हैं, वहीं आयोग ने अपने फैसलों को सामूहिक और सर्वसम्मत बताया है। इसी मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है।
Updated on:
27 Sept 2026 04:20 pm
Published on:
27 Sept 2026 04:20 pm
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