25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ममता को झटका? बंगाल की सभी सीटों पर टीएमसी के खिलाफ उम्मीदवार उतारेगी कांग्रेस

मोदी सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी भले ही विपक्षी एकता का दावा कर रही हो, लेकिन चुनाव में स्थिति बदलती नजर आ रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Mohit sharma

•

Updated: 7 Feb 2019, 1:24 PM IST

west Bengal

ममता को झटका? बंगाल की सभी सीटों पर टीएमसी के खिलाफ उम्मीदवार उतारेगी कांग्रेस

नई दिल्ली। मोदी सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी भले ही विपक्षी एकता का दावा कर रही हो, लेकिन चुनाव में स्थिति बदलती नजर आ रही है। क्योंकि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने राज्य की अधिकांश सीटों पर अपना उम्मीदवार खड़ा करने की बात कही है। वहीं, कांग्रेस के अलावा ममता की तृणमूल कांग्रेस को भाजपा और वामदलों से भी जूझना होगा। आपको बता दें कि दो साल पहले राज्य में हुए विधानसभा चुनाव कांग्रेस और वाम दलों ने गठबंधन किया था। चुनाव में 293 सीटों वाली विधानसभा में ममता बनर्जी ने 211 सीटें हासिल कर लगभग तीन चौथाई सीटों पर कब्जा कर लिया। चुनाव में खाए झटके के बाद वाम दल और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

यह खबर भी पढ़ें— संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बताई हिंदू संस्‍कृति की विशेषता, मदरसों में भी पढ़ाया जाए भारतीयता का पाठ

खुद को ज्यादा ताकतवर दिखाने के प्रयास

दरअसल, कांग्रेस नेताओं की मानें तो पुलिस कमिश्नर और सीबीआई विवाद में ममता बनर्जी मोदी सरकार के विरोध में धरने पर बैठक खुद को ज्यादा ताकतवर दिखाने के प्रयास में थीं। इसके पीछे एक कारण यह भी था कि राज्य में 30 प्रतिशत अल्पसंख्यक कांग्रेस या वाम दलों की ओर न खिसक जाएं। वहीं, ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा रॉबर्ट वाड्रा के साथ पूछताछ का विरोध किया।

यह खबर भी पढ़ें— सुरक्षा घेरा तोड़ कार्यकर्ताओं के बीच पहुंची प्रियंका गांधी, एसपीजी और पुलिस क उड़े होश

विपक्षी पार्टियों की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो इसको विपक्षी पार्टियों की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास करार दिया। आपको बता दें कि इससे पहले ममता बनर्जी पश्चिम बंगाम में पुलिस कमिश्नर पर सीबीआई कार्रवाई को लेकर धरने पर बैठी थी। इस दौरान ममता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार संस्थानों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया था।