पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि चुनाव आयोग की आलोचना नहीं की जा सकती है। प्रणब मुखर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग विपक्षी दलों के निशाने पर है। आपको बता दें कि प्रणब दा राष्ट्रपति बनने से पहले कांग्रेस के चाणक्य माने जाते थे। उन्होंने कई बार कांग्रेस को मुश्किल हालात से बाहर निकाला था। उनके चुनाव आयोग की तारीफ वाले बयान से एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया था। राहुल ने चुनाव आयोग पर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया था। सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि पीएम मोदी के सामने चुनाव आयोग ने सरेंडर कर दिया है। इसलिए चुनाव आयोग अब निष्पक्ष नहीं रह गया है।