
नई दिल्ली।गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए वलसाड पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी पर अबतक का सबसे बड़ा हमला बोला है। धरमपुर की एक रैली में पीएम ने राहुल गांधी की तुलना औरंगजेब से कर दी है। इसके अलावा मोदी ने कांग्रेस को पार्टी नहीं बल्कि कुनबा बताया है।
औरंगजेब राज मुबारक
दिल्ली में सोमवार को राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल किया। इसके कुछ ही देर बाद पीएम मोदी ने धरमपुर में एक रैली में कहा कि राहुल गांधी जमानत पर हैं, फिर भी उन्हें कांग्रेस उन्हे अध्यक्ष बना रही है। यहां मोदी ने कांग्रेस नेता मणिशकंर अय्यर के एक बयान को कोट करते हुए कहा कि क्या मुगल राज में जहांगीर की जगह शाहजहां आए तब कोई चुनाव हुआ था क्या। इससे साफ हो गया था कि शाहजहां के बाद औरंगजेब ही राज करेंगे। पहले से पता था कि जो बादशाह है, उसकी औलाद को ही सत्ता मिलेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी पता है कि उनका बादशाह कौन होगा। उन्हें ये औरंगजेब राज मुबारक।
कांग्रेस पार्टी नहीं कुनबा
इसके बाद मोदी के कांग्रेस पार्टी के वंशवाद पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक कुनबा है न कि पार्टी। हमारे लिए तो देश बड़ा है। ये 125 करोड़ जनता हमारी हाईकमान है।
गुजरात की जनता अफवाहें नहीं सुनती
पीएम मोदी ने आगे कहा कि कांग्रेस वाले पिछले चुनाव में ये गलतफहमी फैला रहे थे कि लेकिन इस चुनाव में कांग्रेसी भी हमें कम्यूनल नहीं कह पा रहे हैं। जो इस बात का सबूत है कि हम न तो साम्प्रदायिक हैं और न ही गुजरात में कोई सांप्रदायिकता। अब गुजरात की जनता समझदार हो गई है और अफवाहों पर ध्यान नहीं देती है।
राहुल ने दाखिल किया नामांकन
बता दें कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकतार्ओं के उत्साह और जोश के बीच सोमवार को पार्टी मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। राहुल ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं कमलनाथ, मोतीलाल वोरा, शीला दीक्षित, अहमद पटेल और अशोक गहलोत की मौजूदगी में नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने इस मौके पर उपस्थित नेताओं के साथ बातचीत कीं और उनकी शुभकामनाएं स्वीकार की।
सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं सोनिया
राहुल का चुनाव मात्र औपचारिकता है क्योंकि पार्टी के शीर्ष पद के लिए कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं है और उनके पक्ष में 90 से अधिक नामांकन दाखिल किए जाने की संभावना है। राहुल 1998 में पार्टी की अध्यक्ष बनीं अपनी मां सोनिया गांधी का स्थान लेंगे जिन्होंने सबसे लंबे समय तक कांग्रेस प्रमुख का पद संभाला है। कांग्रेस के सैकड़ों समर्थक पार्टी के शीर्ष पद के नामांकन दाखिल होने से पहले पार्टी कार्यालय में एकत्र हुए। राहुल गांधी जनवरी 2013 में कांग्रेस के उपाध्यक्ष बने थे।
Published on:
04 Dec 2017 03:31 pm
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