नाराज किसानों की खामोशी तय करेगी बहुत कुछ
तीन दशक से भाजपा के समर्थक दिनेश भाई कहते हैं कि इस बार वे वोट के बारे में नए सिरे से सोच रहे हैं। वह कहते हैं कि खेतों में बिजली समय से नहीं आती। फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिलता। वजू भाई बताते हैं कि 1 एकड़ में लगाई मूंगफली की कीमत 15,600 रु. मिली। 4 महीने का समय व 7,900 रु. की लागत के बाद क्या साढ़े सात हजार रु. में परिवार चल सकता है? खरीद की रसीद दिखाकर कहते हैं कि किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य से बहुत कम में उपज बेचनी पड़ती है। नारद भाई बताते हैं कि सरकारी यार्ड में बिक्री के दौरान हर किलो 3 रु. कमीशन एडवांस में देना पड़ता है, जबकि भुगतान महीनों बाद मिलता है। सरकार ने किसानों को सिर्फ 1% ब्याज पर कर्ज देने की घोषणा की है, पर दिनेश भाई कागज दिखाते हैं कि उन्हें वडाल जूथ सेवा सहकारी मंडली ने 4% ब्याज पर कृषि कर्ज दिया है।